भास्कर न्यूज | जांजगीर अगस्त 2023 के बाद बुधवार की रात रायपुर मेमू पहुंची तो क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। गुरुवार सुबह जब यात्री ट्रेन रायपुर के लिए रवाना हुई तो इसमें स्वच्छता का अभाव नजर आया। दूसरे ही दिन गाड़ी संख्या 68745 गेवरारोड-रायपुर मेमू के कोच अव्यवस्थित दिखे। हर कोच में जगह-जगह पानी भरा था, साफ-सफाई नहीं थी। दिव्यांग-महिलाओं के लिए आरक्षित कोच की स्थिति सबसे खराब रही। सीटें फटी थीं, फर्श पर पानी और कचरा फैला था। कोच में देशी शराब की शीशी पड़ी थी, जिस पर सफाई विभाग का ध्यान नहीं गया। लोगों में इस बात की खुशी थी कि अब उन्हें सुबह की यात्रा करने के लिए एक और ट्रेन मिल गई। यह ट्रेन अब दोनों दिशाओं से नियमित चलेगी, जिससे छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी बिलासपुर और रायपुर तक का सफर करने में सुविधा मिलेगी। कोविड के बाद इसे कुछ फेरों के लिए चलाया गया था। महिला व दिव्यांग कोच में फटी सीट, जिस पर बैठकर यात्री रायपुर के लिए रवाना हुए। जनसंपर्क विभाग ने प्रचार-प्रसार नहीं किया, यात्री सुविधा से अब भी अनजान दीर्घकाल बाद शुरू हुई रायपुर-गेवरारोड-रायप ुर मेमू की जानकारी रेलवे अधिकारियों ने अपने स्तर पर जरूर दी, लेकिन जनसंपर्क विभाग पूरी तरह बेखबर रहा। सीपीआरओ डॉ. सुस्कर विपुल भास्करराव विकास से पूछे जाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। प्रचार होता तो यात्रियों की संख्या अधिक होती। व्यवस्थित की जाएगी ट्रेन ^दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि मेमू लोकल की खामियों की जांच कराई जाएगी। यात्रियों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, उन्हें बेहतर किया जाएगा। अन्य ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को हुई परेशानी नैला जांजगीर स्टेशन में अन्य ट्रेनों के लेट पहुंचने से यात्री खासे परेशान हुए। गुरुवार को 18478 कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस 1 घंटे 23 मिनट, 12833 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस 16 मिनट, बिलासपुर टिटलागढ़ पैसेंजर 32 मिनट, 18240 शिवनाथ एक्सप्रेस 56 मिनट, 58210 बिलासपुर गेवरारोड पैसेंजर 37 मिनट, 18110 टाटानगर एक्सप्रेस 30 मिनट सहित अन्य ट्रेनें लेट से पहुंची। इससे आधे अधूरे स्टेशन में यात्रियों की परेशानी दो गुना बढ़ गई।


