छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित धारपारुम हिल स्टेशन की सबसे खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। इस क्षेत्र का यह सबसे बड़े हिल स्टेशन है। कांकेर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर कानागांव के पहाड़ी जंगलों में यह स्थल स्थित है। मानसून सीजन में इसकी सुंदरता देखने पर्यटक यहां उसेली मार्ग से पहुंचते हैं। धारपारुम तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर की कच्ची पगडंडी का सफर करना पड़ता है। यहां पहुंचने पर कई किलोमीटर तक फैला विशाल पठार देखने को मिलता है। व्यू प्वाइंट से छोटे-बड़े पहाड़ों की श्रृंखला दिखाई देती हैं। ऊंचाई पर स्थित इस स्थल से प्रकृति का मनोरम दृश्य नजर आता है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता बारिश और ठंड में और भी निखर जाती है। सबसे बड़ा हिल स्टेशन हर साल हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां की खूबसूरती का दीदार करने आते हैं। घने जंगलों से घिरे इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में प्रकृति ने कई मनमोहक स्थल बनाए हैं। धारपारुम को अब तक का सबसे बड़ा हिल स्टेशन माना जा रहा है। यहां पहाड़ियों की ऊंची चोटी से ग्रामीण इलाके के हर एक गांवों को भी देखा जा सकता है। बरसात के दिनों में बादलों की घनघोर घटा और प्रकृति की मनोरम छठा के बीच यहां के सुंदर प्रकृतिक वादियां लोगों के मन को मोह लेती है। जिससे लोग इस स्थान पर बार बार आना पंसद करते है। टाटामारी से भी ज्यादा बड़ा होने का दावा इस हिल स्टेशन के केशकाल के टाटामारी से भी ज्यादा बड़ा होने का दावा किया जा रहा है। अगर इसे पर्यटन क्षेत्र के दृष्टि से विकसित किया जाए तो यह बस्तर क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा हिल स्टेशन के रूप में विकसित होगा। अच्छे से डेवलप करने की बनाएंगे योजना – कलेक्टर इस पर कांकेर कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर का कहना है कि दैनिक भास्कर डिजिटल के माध्यम से धारपारुम हिल स्टेशन की जानकारी मिली है। वह प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर जगह है। इस जगह सैलानी आने की भी बहुत ज्यादा संभावना है। स्थानीय वन समिति वर्तमान में यहां कार्य भी कर रही है। जिला प्रशासन इस जगह को अच्छे से डेवलप करने की योजना बना रहा है। ताकि सैलानी ज्यादा से ज्यादा आए। बता दें कि नक्सल प्रभाव के कारण अब तक यह हिल स्टेशन लोगो की नजरों से ओझल रहा है। अब जब नक्सली मूवमेंट कम हुआ है तो उत्तर बस्तर के खूबसूरत जगह उभर कर सामने आ रहे है।


