डेंगू से बचाव के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी : सिविल सर्जन

भास्कर न्यूज | जालंधर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की 73 टीमों ने 59 पुलिस थानों और 173 साइट्स पर डेंगू सर्वे किया। इस दौरान 4234 घरों की जांच की गई, जिनमें से 42 घरों में डेंगू का लारवा मिला। टीमों ने 10778 कंटेनरों की जांच की, जिनमें से 45 में लारवा पाया गया। सभी लारवा को तय प्रक्रिया से नष्ट किया गया। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने “हर शुक्रवार – डेंगू ते वार’ अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस लाइन परिसर में विशेष जागरूकता और लारवा जांच अभियान चलाया। सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल के नेतृत्व में हुए इस अभियान में स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अभियान के दौरान परिसर के अलग-अलग हिस्सों में लारवा की पहचान की गई और उन्हें नष्ट किया गया। साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव भी किया गया। इस मौके पर एसीपी मनमोहन सिंह, इंस्पेक्टर हरजीत सिंह, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. आदित्य पाल, डॉ. रघु प्रिया, डॉ. चश्म मित्रा, डिप्टी एमईआईओ असीम शर्मा, सब इंस्पेक्टर राजविंदर, ब्रीडर चेकर, नर्सिंग छात्र और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल ने कहा कि अगर लोग सप्ताह में एक बार अपने घर और आसपास खड़े पानी की जांच करें और पानी जमा न होने दें, तो डेंगू को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें, छतों पर रखे टूटे गमले, टायर और पक्षियों के पानी के बर्तन खाली करें या उनका पानी नियमित रूप से बदलें। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

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