गुरमीत लूथरा 27 साल से दीप सिंह कंबोज शहीद ऊधम सिंह की मशाल को थामे हुए हैं और मानवता की निष्काम सेवा में लगे हुए हैं। दीप कंबोज (80) का कहना है कि साल 1996 में हाल गेट के बाहर शहीद ऊधम सिंह के बुत की दयनीय हालत को देखकर शहीद ऊधम सिंह की याद में स्मारक बनाने की ठानी और आज 2 हजार गज में शहीद ऊधम सिंह हॉल स्थापित किया है। करोड़ों का हाल योग और शोक सभाओं के लिए समर्पित कर रखा है। शहीद ऊधम सिंह हाल में सरबत दा भला भलाई ट्रस्ट की ओर से क्लीनिक भी चलाया जा रहा है। साल 1997-98 में शहीद ऊधम सिंह फाउंडेशन स्थापित कर इसके बैनर तले सभी बिरादरी को इकट्ठा कर शहीद ऊधम सिंह स्मारक व हाल बनाने का फैसला ले लिया था। मगर पैसों की आवश्यकता थी, ऐसे में हार नहीं मानी तथा साथियों के साथ पैसों का इंतजाम करने के लिए घर-घर दस्तक दी। फाउंडेशन ने घर-घर पैसे मांगे तथा इन पैसों से जमीन की खरीद का फैसला लिया गया। फाउंडेशन सदस्यों ने करीब 20 लाख एकत्रित करके जमीन खरीदी थी। जहां अब शहीद ऊधम सिंह हाल में बना है। कंबोज ने बताया कि भविष्य में हाल का विस्तार किया जाएगा। हाल नंबर 2 पर संगत की रिहायश के लिए 6 कमरे निर्मित किए जाएंगे तथा शहीद ऊधम सिंह फाउंडेशन क्लीनिक के नाम से फ्री चेकअप केंद्र भी खोला जाएगा। कंबोज ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा स्कूलों के जरुरतमंद बच्चों को स्टेशनरी, वर्दी भी फ्री प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा के लिए फाउंडेशन के कार्य ऐसे ही जारी रहेंगे। 1997-98 से शहीद ऊधम सिंह फाउंडेशन के प्रधान दीप सिंह कंबोज की अगुवाई में आज रूपनगर में शहीद ऊधम िंसह हाल में 2 बड़े हाल बने हुए हैं। फाउंडेशन ने इसी हाल में सरबत दा भला ट्रस्ट को फ्री जगह उपलब्ध करवाई है जहां फ्री डेंटल, जनरल चेकअप और फिजियोथैरेपी क्लीनिक चलाया जा रहा है। सुबह इन हालों में फ्री योगा की सुविधा भी प्रदान की गई है। अमृतवेले रोज 100 से ज्यादा लोगों को योगा टीचर आसन सिखाते हैं, इसके लिए फाउंडेशन द्वारा कोई पैसा नहीं लिया जाता है। शहीद ऊधम सिंह हाल में 2 बड़े हाल हैं जहां मृतकों की याद में अंतिम अरदास, रस्म चौथा व उठाला व अन्य धार्मिक रस्में अदा की जाती है। फाउंडेशन की ओर धार्मिक रस्मों के लिए 10 हजार रुपए भेंटा हासिल की जाती है। जिसमें हलवाइयों की सामग्री व सामान, क्रॉकरी, बर्तन, कॉफी मशीन, ढाई घंटे फ्री जनरेटर की सुविधा, फ्री बिजली-पानी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश एवं धार्मिक रस्मों को विधिवत मर्यादा के तहत संपन्न करवाने के लिए 2 ग्रंथी भी फाउंडेशन की ओर से नि:शुल्क मुहैया करवाए जाते हैं। रुमाला साहिब व कड़ाह प्रसाद की देग भी फाउंडेशन द्वारा भेंटा रहत होती है।


