इनकम टैक्स अपील ट्रिब्यूनल ( ITAT) ने मंगलवार को कांग्रेस को डोनेशन में मिले 199 करोड़ रुपए पर टैक्स में छूट देने से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। ट्रिब्यूनल ने आयकर रिटर्न देर से दाखिल करने और नकद दान की सीमा का उल्लंघन इसकी वजह बताया। दो सदस्यीय बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस आयकर अधिनियम की धारा 13ए के तहत, डोनेशन में छूट का लाभ उठाने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा नहीं कर सकी। ट्रिब्यूनल ने टैक्स अफसरों के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि पार्टी को डोनेशन के रुपयों पर भी टैक्स देना होगा। दरअसल, कांग्रेस ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में धारा 139(1) के तहत 2 फरवरी, 2019 को इनकम टैक्स रिटर्न भरा था। हालांकि, टैक्स भरने की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2018 थी। कांग्रेस ने टैक्स रिटर्न में धारा 13ए के तहत डोनेशन में मिले 199.15 करोड़ रुपए की छूट का दावा करने के बाद अपनी इनकम जीरो बताई थी। सितंबर, 2019 में, टैक्स अफसर को जांच के दौरान पता चला कि पार्टी ने डोनेशन के तौर पर 14.49 लाख रुपए कैश स्वीकार किए थे। इसमें से कई डोनर ने 2 हजार रुपए से ज्यादा दान दिया था, जो कानून के तहत तय लिमिट से ज्यादा थे। 2000 रुपए से ज्यादा के दान चेक या बैंक ट्रांसफर जैसे बैंकिंग माध्यमों से ही किया जाता है। इसके चलते, इनकम टैक्स ने कांग्रेस को मिले डोनेशन की पूरी रकम पर टैक्स लगाया। जब कांग्रेस ने धारा 13ए के तहत छूट मांगी, तो आयकर विभाग ने 2021 में पार्टी के दावे को खारिज कर दिया। मार्च 2023 में, इनकम टैक्स के कमिश्नर (अपील) ने इस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद कांग्रेस ने अपील ट्रिब्यूनल में याचिका लगाई थी। हालांकि, पिछले साल ट्रिब्यूनल ने पार्टी को टैक्स से कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।


