बोकारो के तेतुलिया मौजा में 107 एकड़ वन भूमि की फर्जी खरीद-बिक्री मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। घोटाले के मुख्य आरोपी इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन से ईडी पूछताछ करेगा। इसके लिए ईडी को पीएमएलए कोर्ट से अनुमति मिल गई है। दोनों आरोपी फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। ईडी के अधिकारी बुधवार को जेल में ही दोनों से पूछताछ करेंगे। ईडी को पता चला है कि 2021 में इजहार और अख्तर ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 107 एकड़ विवादित जमीन महज 10.3 करोड़ में उमायुष मल्टीकाम कंपनी को बेच दी। ईडी की जांच…कई रसूखदारों की भूमिका संदेह की घेरे में ईडी को जांच में यह भी पता चला कि पुनीत अग्रवाल ने उक्त जमीन की खरीद में निवेश किया था। इसके अलावा राजबीर कंस्ट्रक्शन, शैलेश सिंह, आयुष सिंह, चास के पूर्व सीओ निर्मल टोप्पो, धनबाद के डीटीओ दिवाकर द्विवेदी, बोकारो के पूर्व और धनबाद के वर्तमान सब-रजिस्ट्रार रामेश्वर प्रसाद सिंह समेत कई रसूखदारों की भूमिका संदेह में है। इस मामले में 18 मार्च 2024 को बोकारो के सेक्टर-12 थाना में केस दर्ज हुआ था। जिसे सीआईडी ने टेकओवर कर जांच शुरू की। 12 जुलाई को इजहार हुसैन व अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया।


