खरीफ मौसम में खाद पर मची राजनीतिक तकरार के बीच राज्य में 75 प्रतिशत बोनी पूरी हो चुकी है। फिलहाल 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई है। चालू खरीफ मौसम सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य है। अब तक समितियों के माध्यम से किसानों को 10.20 लाख टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल बीज दिए गए हैं। अब तक धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल की बोनी हो चुकी है। प्रदेश में 21 जुलाई तक 446.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि यहां औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी होती है। कृषि विभाग के अनुसार इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी तुलना में 13.78 लाख टन उर्वरकों का सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र में भंडारण किया गया है। इसमें से 10.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। यह भी लक्ष्य का 70 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसकी तुलना में अब तक 7.22 लाख क्विंटल बीज किसानों को दिए गए हैं। यह लक्ष्य का 146 प्रतिशत है। पिछले खरीफ मौसम में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए थे। खाद-बीज की ना हो कमी: साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद-बीज उपलब्ध कराने के आदेश दे दिए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों को सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज के भंडारण की लगातार निगरानी को कहा गया है। ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।


