भास्कर न्यूज | चिरमिरी तीन दिवसीय सदस्यता सत्यापन अभियान में एचएमएस को 1328 श्रमिकों का समर्थन मिला। इसके साथ ही संगठन ने फिर से क्षेत्र की सबसे बड़ी श्रमिक यूनियन का दर्जा हासिल किया। यह सत्यापन 18, 19 और 21 जुलाई को हुआ। सत्यापन मजदूर यूनियनों द्वारा जमा की गई सदस्यता सूची के आधार पर किया गया। अंतिम समय तक सभी संगठन अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़ने में जुटे रहे। कॉलोनियों और आसपास के इलाकों में जाकर कोयला कामगारों से संपर्क किया गया। बीते 20 वर्षों से एचएमएस को सबसे अधिक समर्थन मिलता रहा है। इस बार भी संगठन ने नंबर वन का स्थान बरकरार रखा। बीएमएस को 866, इंटक को 575 और एटक को 516 कर्मचारियों का समर्थन मिला। 120 कर्मचारियों ने किसी संगठन को समर्थन नहीं दिया। उन्होंने नोटा चुना। केंद्रीय कल्याण बोर्ड के सदस्य बजरंगी शाही ने कहा कि कर्मचारियों का विश्वास ही संगठन की असली पूंजी है। एचएमएस के पदाधिकारी हमेशा कामगारों के सुख-दुख में साथ खड़े रहे। इसी कारण संगठन को फिर पहला स्थान मिला। एरिया वेलफेयर बोर्ड के सदस्य और चिरमिरी ओपन कास्ट के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ शर्मा और लक्ष्मण पटेल ने बताया कि बीते तीन वर्षों में बड़ी संख्या में श्रमिक सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके बावजूद इस बार संगठन को अधिक समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों की कार्यशैली और संघर्ष का ही परिणाम है कि एचएमएस को यह सफलता मिली। मुखिया नाथूलाल पांडे के नेतृत्व में संगठन ने श्रमिकों की निजी और कार्यस्थल की समस्याओं का समाधान किया। इससे कामगारों का विश्वास और मजबूत हुआ। संगठन के पदाधिकारी आगे भी इसी तरह ईमानदारी से काम करते रहेंगे। कोयलांचल क्षेत्र में बीते दो दशक से एचएमएस सबसे अधिक कोयला कामगारों को सदस्य बनाने में सफल रही है। इस बार भी संगठन ने 60 प्रतिशत सदस्य बनाकर सबसे बड़ी श्रमिक संगठन का दर्जा कायम रखा।


