जयनगर अंचल कार्यालय में सामने आई लापरवाही:कोडरमा डीसी ने किया औचक निरीक्षण; एक कर्मी निलंबित, 24 के वेतन पर रोक

कोडरमा के डीसी ऋतुराज ने बुधवार को जयनगर अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कार्यालय में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। डीसी ने एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर दिया। साथ ही 24 से अधिक कर्मियों के वेतन पर रोक लगा दी। डीसी ने कार्यालय के आगत-निर्गत रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर की जांच की। पत्राचार और रिकॉर्ड संधारण में भारी लापरवाही मिली। आपदा प्रबंधन से जुड़े पत्रों का उचित रखरखाव नहीं किया गया था। कई महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा लंबित था। डीसी ने ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की राजस्व कर्मचारियों के पास दैनिक कार्य लॉग बुक नहीं मिली। दाखिल-खारिज के कई मामले 30 से 90 दिनों से लंबित पाए गए। डीसी ने ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। कर्मचारियों की धीमी कार्य प्रणाली पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीसी ने जयनगर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों और उत्क्रमित उच्च विद्यालय रूपयाडीह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता से जुड़े विषयों में पारदर्शिता और तत्परता जरूरी है। पंजी संधारण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सेविका को शो-कॉज नोटिस डीसी ऋतुराज ने जयनगर प्रखंड के जयनगर पंचायत अंतर्गत स्थित मॉडल आंगनबाड़ी प्री-नर्सरी स्कूल ‘किलकारी’ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र की शैक्षणिक, पोषण एवं आधारभूत संरचना, रजिस्टर संधारण का गहन निरीक्षण कर सभी पहलुओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने पंजी संधारण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सेविका के विरुद्ध शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया। डीसी ने बच्चों के पाठ्यक्रम की जानकारी ली और उनके वजन एवं लंबाई के मापन की प्रक्रिया को समझा। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने कलर कोडिंग की जानकारी ली और बच्चों की सक्रिय भागीदारी पर संतोष प्रकट किया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और एएनएम से मांगा स्पष्टीकरण औचक निरीक्षण के क्रम में डीसी रूपायडीह स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई, दवाओं का भंडारण एवं वितरण, प्रसव कक्ष की व्यवस्था तथा रजिस्टर संधारण की गहन जांच की गई। निरीक्षण में सभी कार्यों में लापरवाही एवं अनियमितता पाई गई। प्रसव कक्ष अव्यवस्थित पाया गया और आवश्यक रजिस्टर भी समुचित रूप से संधारित नहीं थे। डीसी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और एएनएम से शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया तथा संबंधित सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। पंचायत सचिव व रोजगार सेवक को शो-कॉज, वेतन रोका गया इसी क्रम में डीसी ऋतुराज ने जयनगर प्रखंड के सुदूरवर्ती पंचायत रूपायडीह का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन, योजना पंजी, स्टॉक रजिस्टर, कैश बुक, ज्ञान केंद्र तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई। डीसी द्वारा ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने के लिए संबंधित अभिलेखों और मनरेगा की योजना की स्थलीय सत्यापन किया गया। योजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए स्वयं बाइक से योजना स्थल का दौरा किया। मौके पर पाया गया कि समतलीकरण योजना कागजों पर ही सीमित है और धरातल पर कार्य नहीं किया गया है। जांच के दौरान योजना पंजी व अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर डीसी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण तलब करते हुए दोनों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। साथ ही पंचायत सहायक पर भी लापरवाही को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सभी योजनाओं में सुधार लाने और प्रगति की रिपोर्ट समर्पित करने का सख्त निर्देश दिया। डीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना है। विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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