भास्कर न्यूज | सरायकेला कृषि योजनाओं और कृषि सुविधाओं के विकास व किसानों के हित को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, जिला कृषि विभाग भी जिले में कृषि कार्य के उत्थान को लेकर लगातार प्रयत्नशील है। जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की मिलेट मिशन योजना के तहत मोटे अनाजों जैसे मड़वा (रागी), ज्वार एवं बाजरा जैसी फसलों के कृषि कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत उक्त मोटे अनाजों का उत्पादन करने वाले प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ भूमि पर 3000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसमें किसान अधिकतम पांच एकड़ तक मोटे अनाजों की खेती कर इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए किसानों को अपने संबंधित प्रखंड कार्यालय में जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में मोटे अनाजों की खेती के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत ज्वार की खेती के लिए 150 हेक्टेयर, बाजार की खेती के लिए 40 हेक्टेयर और मड़ुवा की खेती के लिए 800 हेक्टेयर कृषि भूमि का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। 1 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर कृषि कार्य का लक्ष्य : जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों हुई पर्याप्त वर्षा के बाद जिले में धनरोपनी का कार्य युद्ध स्तर पर जारी व प्रगति पर है। इसके तहत हाइब्रिड, अधिक उपजशील धान व उन्नत किस्म के धान की खेती के लिए कुल 1 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर कृषि कार्य का लक्ष्य रखा गया था। इसकी एवज में बुधवार तक के प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि निर्धारित लक्ष्य से 44% कृषि भूमि पर धनरोपनी का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष लक्ष्य कृषि भूमि पर धनरोपनी का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि किसान कृषि के प्रति जागरूक हुए हैं और कृषि विभाग के संपर्क में रहते हुए नवीन तकनीकों का ज्ञान हासिल कर रहे हैं। साथ ही बीते दिनों प्राप्त पर्याप्त वर्षा से कृषि कार्य को लेकर उनमें उत्साह भी देखा जा रहा है।


