भास्कर न्यूज | महासमुंद एनएचएम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बुधवार को जिला जेल महासमुंद में बंदीय और स्टॉफ के बीच नशा रोकथाम प्रबंधन के विषय पर कार्यशाला आयोजित किया गया। डॉ आई नागेश्वर राव मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मती नीलू घृतलहरे डीपीएम, व डॉ सी पी चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय से किया गया। बंदियों और स्टॉफ को नशा को रोकथाम प्रबंधन जैसे विषय पर कार्यशाला के माध्यम से बताया गया। नशे के लत और उनके विथड्रॉल सेम्पटम्स, आत्महत्या के लक्षण जैसे मन का उदास होना, नींद ना आना, गुस्सा करना अपने आपको नुकसान पहुंचना, आत्मविश्वास में कमी, रुचिगत कार्य में मन नही लगना, चिंता करना व्यवहार में परिवर्तन होना आदि रोकथाम के उपाय, अपना दैनिक दिनचर्या को ठीक रखे, आपसी समन्वय स्थापित करें, एक दूसरे से वार्तालाप करें, हल्का व्यायाम करें, प्रतिदिन योगा अभ्यास करें, अपना स्वयं की सफाई करें, मोटिवेशन, मनोरंजन जैसे किताब पढ़े, खेल आदि का आनंद ले। टी वी देखे, डीप ब्रिथिंग बलून आदि बताया गया। जेल उप अधीक्षक मुकेश कुमार कुशवाहा उपस्थित रहे। इस मौके पर मेडिकल कालेज सह जिला अस्पताल महासमुंद से रामगोपाल खूंटे, साइकेट्रिक सोशल वर्कर, खोमन लाल साहू, एसएनओ व टीम द्वारा 50 बंदियों में से 15 में समान्य से ज्यादा समस्या देखा गया। बंदियों व स्टॉफ के कार्यशाला किया गया।


