विदेश में पढ़ाई:प्रति छात्र 1 करोड़ खर्च करेगी सरकार

89 छात्रों ने आवेदन दिया है, पहले दिन 15 का इंटरव्यू, 30 तक चलेगा झारखंड के स्टूडेंट्स विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक बाधा नहीं है। क्योंकि सरकार राज्य के मेधावी स्टूडेंट्स को विदेशी यूनिवर्सिटी में एडमिशन से लेकर पढ़ाई तक का पूरा खर्च उठा रही है। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए चयनित एक छात्र पर एक करोड़ रुपए तक सरकार खर्च करेगी। विदेशी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए बुधवार से चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दिन ट्राइबल आयुक्त कार्यालय में विभिन्न विषयों के कुल 15 छात्रों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया था। कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, लॉ और फिल्म टेक्नोलॉजी विषय के स्टूडेंट्स शामिल थे। आयुक्त कुलदीप ब्यास की मॉनिटरिंग में इंटरव्यू देने वाले छात्रों ने एक्सपर्ट के समक्ष विदेश में पढ़ाई को लेकर तैयार प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी। यह इंटरव्यू 30 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद इंगलैंड और आयरलैंड के विश्वविद्यालयों में चयनित छात्रों की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी। बताते चलें कि कुल 25 छात्रों का चयन किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार इंटरव्यू में शामिल अधिकांश छात्रों का प्रोजेक्ट शानदार था। एडमिशन के लिए कैटेगरी वाइज सीटें निर्धारित विदेशी विवि में एडमिशन के लिए कुल 25 छात्रों का चयन किया जाएगा। इसमें एसटी-एससी कैटेगरी के 15 छात्र, ओबीसी के 5 और अल्पसंख्यक वर्ग के 5 स्टूडेंट्स शामिल हैं। बताते चलें कि यह योजना 2021 में शुरू हुई थी। आने वाले दिनों में विदेशी विवि में पढ़ाई के लिए 50 छात्रों का चयन करने की योजना है। इंटरव्यू बोर्ड में ये एक्सपर्ट शामिल विदेशी विवि में एडमिशन के लिए विषय के एक्सपर्ट शिक्षकों का पैनल इंटरव्यू ले रहा है। पैनल में पीजी बॉटनी विभाग की डॉ. लाड़ली रानी, पीजी कॉमर्स के शिक्षक डॉ. एमएन जुबैरी, पीजी अंग्रेजी की एचओडी डॉ. सुप्रिया, कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अनुपम गुप्ता, पीजी राजनीति विभाग के शिक्षक डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी, पीजी इकोनॉमिक्स के एचओडी डॉ. ज्योति प्रकाश, लॉ के शिक्षक डॉ. गांधी आनंद बिलुंग शामिल हैं।

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