भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब में जीएसटी रिफंड में देरी को लेकर व्यापारी और कर सलाहकार भड़क गए हैं। डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन ने विभाग को 29 जुलाई तक सभी लंबित रिफंड जारी करने की अंतिम चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने साफ कहा कि अगर इस तारीख तक भुगतान नहीं हुआ तो पूरे पंजाब में जीएसटी दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जानबूझकर रिफंड में देरी कर रहा है और अब नया नियम थोप रहा है कि सिर्फ 5 लाख रुपए से कम के क्लेम वालों को ही रिफंड मिलेगा। एसोसिएशन ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब व्यापारी टैक्स भरने में थोड़ी सी भी देर करता है, तो विभाग जुर्माना, ब्याज और नोटिस भेजने में एक पल की देर नहीं करता। लेकिन जब बात रिफंड देने की आती है, तो वही विभाग तकनीकी खामी, बजट की कमी और अब क्लेम लिमिट जैसे बहाने बनाता है। टैक्स बार का कहना है कि जीएसटी कानून में कहीं भी यह नहीं लिखा कि 5 लाख से ऊपर के क्लेम अटकाए जा सकते हैं। यह फैसला गैरकानूनी और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रिफंड कोई खैरात नहीं, व्यापारियों का हक है। विभाग को यह समझना चाहिए कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, कोई गिड़गिड़ाने वाले याचक नहीं। अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने ऐलान किया कि आंदोलन सिर्फ टैक्स बार तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें व्यापार मंडल, उद्योग संगठन और प्रोफेशनल संस्थाएं भी शामिल होंगी। सभी मिलकर जीएसटी विभाग के इस दोहरे रवैये के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। इस बीच व्यापारियों और कर पेशेवरों में भी गहरी नाराजगी है। वे मानते हैं कि एक ही कानून के दो अलग-अलग मतलब निकालना न सिर्फ अन्याय है, बल्कि व्यापारिक भरोसे को तोड़ने जैसा है।


