भास्कर न्यूज | लोहरदगा जिले में बीते शाम से एक बार फिर सक्रिय हुए मौसम के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। शुक्रवार को पहले सुबह से ही रुक रुक कर मूसलाधार बारिश जारी रही। हालांकि लोहरदगा जिला के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया था। जिसमें कहीं-कहीं भारी बारिश, कहीं- कहीं वज्रपात एंव तेज हवाएं चली। इस क्रम में आपदा विभाग सहित जिला प्रशासन द्वारा भारी बारिश के कारण जलभराव, नदियों और अफवाहों का उफान और बाढ़ आने की संभावना व्यक्त की गई है। वज्रपात को लेकर विभाग ने कई सूचनाएं भी जारी की हैं। जिसमें खासकर खुले आकाश में रहने को बाध्य हो अथवा कोई सुरक्षित स्थान न हो तो दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटने पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने की बात बताई गई है। इसके अलावा वज्रपात से झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रेस्पिरेशन) यानि कृत्रिम श्वास देनी चाहिये। तत्काल प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था करने को कहा गया है। वज्रपात को विभाग से जानकारी लेने पर बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 11 मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 44 लाख रुपया प्रदान किया गया है। वहीं 2025 में अलग-अलग मृत मवेशियों के मालिकों को लगभग 7 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। अन्य लंबित मामलों पर भी भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इधर बारिश और वज्रपात की आशंका जाहिर की गई है कि इन घटनाओं के परिणामस्वरूप निकासी, बिजली की कटौती, आपूर्ति की कमी, यातायात अवरोध और सड़क बंद होना, बुनियादी ढांचे को नुकसान और मलबा हो सकता है। भारी बारिश के क्रम में सुरक्षात्मक कपड़े पहनें और घर के अंदर आश्रय लेने, भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहने, तूफान के दौरान संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बिजली के तीव्र प्रवाह से बचाने के लिए उनका प्लग निकाल देने, नदी, नालों, सड़क के अंडरपास, जल निकासी खाइयों, निचले इलाकों और उन क्षेत्रों से बचें जहां पानी इकट्ठा होता है, वहां अप्रत्याशित रूप से बाढ़ आ सकती है या पानी ओवरफ्लो होने, खराब दृश्यता के कारण भारी बारिश में गाड़ी चलाने से बचते हुए यदि संभव हो तो, अपनी गाड़ी पार्क करें और तब तक प्रतीक्षा करें जब तक बारिश धीमी न हो जाए या रुक न जाए, उसके बाद ही अपनी यात्रा जारी रखने की अपील की गई है। वहीं बाढ़ वाली सड़क पर गाड़ी चलाने की कोशिश न करने, पानी दिखने से ज्यादा गहरा और तेज हो सकता है और उसमें मलबा, नुकीली या खतरनाक चीजें, गड्ढे या बिजली के तार हो सकते है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को नजरअंदाज न करते हुए स्वच्छ पानी पीने, सड़क पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई है। जिले में बीते दो दिनों में 42 एमएम बारिश हुई।


