भास्कर न्यूज | अमृतसर डीएसपी वरिंदर महाजन केस में हाईकोर्ट ने अलपेरा नामक नशीली गोलियां बरामद होने के पंजाब में कुल 300 केस में जांच न करने को लेकर पंजाब सरकार से जबाव मांगा है। बेटी वकील शांशा महाजन ने शुक्रवार को प्रैसवार्ता करते हुए कहा कि बीते लंबे समय से विभागीय कार्रवाई में फंसे डीएसपी वविंदर महाजन को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि 2.75 करोड़ गोलियों के केस में उनके पिता वविंदर सिंह जांच अधिकारी थे, जिन्हें फंसाया गया है। पिता एक ईमानदार अफसर हैं और अपना का पूरी लगन के साथ करते रहे हैं। लेकिन कुछ केसों में ड्रग पैंडलर और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के बड़े रसूखों के कारण उनकी जांच को बीच में खत्म कर दिया जाता है और पुलिस प्रशासन सिर्फ ड्रग पैंडलर पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर मामले को निपटाती रही। किसी का भी ध्यान इन केसों में नशीली गोलियां बनाने वालों पर नहीं गया। वविंदर महाजन की ओर से 2.75 करोड़ गोलियां जिसमें से सिर्फ 2 करोड़ गोलियां एक ही मैनुफैक्चर की थी, जिसकी जांच वविंदर महाजन कर रहे थे। यह नशीली गोलियां कंपनी के मालिक की ओर से अपने रसूख के चलते वविंदर महाजन को इस जांच में मुकमल नहीं होने दिया गया। जिस संबंधी आज डीएसपी वविंदर महाजन के संबंधी जानकारी मीडिया के आगे रखी गई है। 2 करोड़ नशीली गोलियां अलपेरा नामक थी। जिसके बाद डीएसपी ने पंजाब के सभी एसएसपी को चिट्ठी लिखकर अलपेरा नामक नशीली गोलियां बरामद होने के दर्ज केसों को डाटा मांगा। जिसमें जबाव की बात करें तो पूरे पंजाब में अलपेरा नशीली गोलियां बरामद होने के 300 केस की डिटेल सामने आई। जिसमें संबंधी जांच अधिकारियों ने कोई जांच नहीं की। न ही बेचने वाले फार्मा तक पहुंची। जिसकी हाईकोर्ट में डिटेल के साथ पीआईएल सब्मिट की गई। हाईकोर्ट ने जांच न करने को लेकर राज्य से जबाव मांगा है। मई 2024 में हिमाचल के बद्दी जिले में एक नेटवर्क का पर्दाफाश डीएसपी वविंदर महाजन की ओर से किया गया था। जिसमें तकरीबन 70 लाख के करीब नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। उसके बाद इसमें पैसों के लेन देन की भी बात सामने आई थी। इसके अलावा इंटरनेशनल स्मगलिंग के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ था। बीते साल दिसंबर में दर्ज एनडीपीएस के मामले की जांच में डीएसपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा। फिर उन्हें एसटीएफ से हटाया गया। फिर जांच के बाद मोहाली एसटीएफ थाना में केस दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए रेड की गई थी। लेकिन वविंदर महाजन पकड़ में नहीं आए और उन्होंने कोर्ट जमानत ली।


