संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक दल 4 को घेरेगा सभी डीसी दफ्तर

संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक दल की शनिवार को एक बैठक देश भगत यादगार हाल में हुई। इसमें पंजाब किसान मजदूर यूनियन, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब कोटबुड्ढा, भारतीय किसान एकता बीकेई हरियाणा, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन, किसान नौजवान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारतीय किसान यूनियन मझैल, भारतीय किसान यूनियन खोसा के किसान नेताओं ने भाग लिया। बैठक में किसानों और मजदूरों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर चर्चा की गई। इस दौरान पंजाब सरकार द्वारा लैंड पुलिस पॉलिसी के तहत किसानों की अधिग्रहित की गई 65533 एकड़ भूमि पर वापस कब्जा लेने का मता भी पास हुआ। इंद्रजीत सिंह कोट बुड्डा ने कहा कि जत्थेबंदियां राष्ट्रीय न्याय मोर्चा द्वारा 4 अगस्त और 15 अगस्त को दिए कार्यक्रमों का समर्थन करती हैं। इसी के तहत 4 अगस्त को डीसी कार्यालयों के सामने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे। 15 अगस्त को मोहाली में राष्ट्रीय न्याय मोर्चा के किसान बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। एसकेएम गैर-राजनीतिक 8 अगस्त को पंजाब और हरियाणा में डीसी कार्यालयों के सामने इकट्ठा होंगे और लैंड पुलिंग पॉलिसी की अधिसूचना को रद्द करने और मांगों को स्वीकार करने की मांग हुए मांग पत्र सौंपेंगे। नेताओं ने श्री चमकौर साहिब की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर रही रुचिरा पेपर मिल का विरोध किया और श्री चमकौर साहिब मोर्चा का समर्थन किया। नेताओं ने कहा कि सरकार और पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा सुझाए गए बीजों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पंजाब के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री चैन की नींद सो रहे हैं। उनका अभी तक इस मामले पर बयान नहीं ​आया है। मीटिंग के दौरान इंद्रजीत सिंह कोटबुड्ढा, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, लखविंदर सिंह औलख, गुरिंदर सिंह भंगू, बचित्र सिंह कोटला, गुरसेवक सिंह धालीवाल फिरोजपुर, सुखजिंदर सिंह खोसा, गुरसाहिब सिंह, अंग्रेज सिंह, सुच्चा सिंह लाधू, गुरपिंदर काहलों, मंजीत सिंह, सुखवंत सिंह दुबली, कुलदीप सिंह, हीरा सिंह, मलकीत सिंह सेखों ककराली, मुखबल सिंह, मनमोहन सिंह, लखविंदर सिंह मौजूद थे। नेताओं ने कहा कि किसानों की जमीन किसी भी कीमत पर सरकारों के हाथों में नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार केंद्र सरकार और बड़े घरानों की मदद से लैंड पुलिंग नीति के तहत किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की साजिश कर रही है। केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ आगामी शुल्क मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। केंद्र सरकार भारत और पंजाब से डेयरी फार्म, पोल्ट्री फार्म और दूध उत्पाद आयात करके पंजाब को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

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