बालोद में मुश्किलों के बीच शक्कर कारखाने का संचालन:क्षमता 2 लाख, लेकिन उत्पादन केवल 70 हजार मीट्रिक टन; गन्ने की कमी बड़ी वजह

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एकमात्र उद्योग के रूप में स्थापित मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना काफी दिक्कतों के बीच संचालित हो रहा है। 6 दिसंबर को कारखाने में पेराई शुरू की गई थी। इस कारखाने की क्षमता 2 लाख मीट्रिक टन पेराई की है। लेकिन यहां पर गन्ने की कमी की वजह से 70 हजार मीट्रिक टन की पेराई मात्र हो पाती है। वहीं किसानों ने बताया कि उन्हें गन्ना बेचने के लिए देरी का सामना करना पड़ता है। मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाने के मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत कुमार ने बताया कि 6 दिसंबर से यहां पेराई की शुरुआत की गई थी। अब तक यहां पर 15 हजार 598 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो गई है। 13 हजार 145 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शक्कर का जो प्रतिशत है, वह 9.46 है। पिछले वर्ष 11% तक की रिकवरी हुई थी। वहां तक पहुंचने की कोशिश प्रबंधन द्वारा की जा रही है। किसानों को एक करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। एक करोड़ रुपए का भुगतान जल्द होने की बात कही गई है।

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