धनबाद में सोमवार से 108 एम्बुलेंस सेवा अनिश्चितकालीन काल के लिए ठप हो गई है। बकाया वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों ने हड़ताल की घोषणा की है। इससे गंभीर मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस चालक और टेक्निशियन अपनी ड्यूटी के दौरान कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। वे अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी पालन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती है। उनके वेतन में वृद्धि नहीं हो रही है। साथ ही कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई और बीमा की सुविधा भी नहीं दी जा रही है। एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन भी किया हड़ताल के दौरान सदर अस्पताल परिसर में एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन भी किया है। इस हड़ताल का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों ने पहले ही उपायुक्त के माध्यम से बकाया वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल की चेतावनी दी थी। सभी 108 एंबुलेंस चालक सहयोग फाउंडेशन एजेंसी के अंतर्गत कार्यरत हैं। एंबुलेंस सेवा के बंद होने से जिले के मरीजों को अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है। सड़क दुर्घटना या अन्य आपदा की स्थिति में भी 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। मेडिकल कॉलेज से रेफर किए गए मरीजों को रिम्स या अन्य सरकारी संस्थानों तक पहुंचाने के लिए भी एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पा रही है। जिले में हर दिन लगभग 100 से अधिक मरीजों को 108 एंबुलेंस की सेवा प्रदान की जाती है। इसके अलावा रिम्स रेफर किए गए औसतन 10 से 15 मरीजों को रोजाना 108 एंबुलेंस की सेवा मिलती है।


