सैन्य टारगेट पूरे होने पर ऑपरेशन सिंदूर…

मंत्री विजय सार्वजनिक माफी मांगें, धैर्य… बेंच ने कहा, मंत्री विजय शाह हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं, ऑनलाइन माफी मांगना उनकी मंशा पर संदेह पैदा करता है। परमेश्वर ने कहा, माफी को रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। एसआईटी ने बताया कि जांच रिपोर्ट को 13 अगस्त की समयसीमा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग करने वालीं सेना की कर्नल सोफिया को मप्र के मंत्री विजय शाह ने ‘आतंकियों की बहन’ बताने वाला विवादित बयान दिया था। समिति के सामने पेश हो चुके तो अब सवाल… जस्टिस वर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उन्हें लगा कि समिति यह पता लगाएगी कि नकदी किसकी थी। उन्होंने कहा कि समिति के सामने पेश होना उनके खिलाफ नहीं गिना जाना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत किसी जज के खिलाफ सार्वजनिक बहस नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर वीडियो जारी करना, मीडिया में आरोप लगाना और सार्वजनिक आक्रोश पैदा करना संविधान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट को महाभियोग की प्रक्रिया का आधार नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने रिकॉर्ड से बाहर की बातों को खारिज कर दिया। कानून के दायरे में होगा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिका और कानून के दायरे में ही फैसला करेगा। कोर्ट ने पूछा कि तत्कालीन सीजेआई द्वारा भेजे गए पत्र किसे भेजे गए थे? राष्ट्रपति ही जजों की नियुक्ति करते हैं, लेकिन वे मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करते हैं। ऐसे में पत्र भेजने का मतलब यह नहीं कि संसद को महाभियोग चलाना ही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को यह साबित करना होगा कि प्रक्रिया में कोई गंभीर त्रुटि हुई है। अब अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। याचिका में खामियों पर कोर्ट ने जताई नाराजगी : सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में की गई प्रक्रियागत गलतियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि याचिका में पार्टी के रूप में रजिस्ट्रार जनरल को जोड़ा गया है, जबकि शिकायत सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया को लेकर है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक पेज में बिंदुवार जानकारी दें और गलतियों को ठीक करें। चाय बेचने वाले ने दी थी संजय सेठ को धमकी… टेक्निकल सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक कर रांची पुलिस की टीम ने धनबाद रेलवे स्टेशन से उसे धर दबोचा। उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद किया गया है। गौरतलब है कि 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस के मौके पर जब मंत्री संजय सेठ द्रास में कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे, उसी दौरान उन्हें अलग-अलग नंबरों से पांच बार कॉल और धमकी भरे मैसेज भेजे गए थे। शिकायत के बाद पंडरा ओपी में मामला दर्ज किया गया और पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी जा चुका है जेल, बोकारो में दर्ज है छेड़खानी का केस : पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2017 में बोकारो के पिंड्राजोरा थाने में कांड संख्या 57/17 के तहत उसके खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उसे जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद भी उसकी आदतें नहीं बदलीं और अब उसने मंत्री को धमकी देकर सनसनी फैला दी। दो शादियां की, दोनों प|ियां मायके में रहती हैं : जांच में पता चला है कि नित्यानंद ने दो शादियां की हैं। उसकी दोनों प|ियां अपने-अपने मायके में रहती हैं, और आरोपी समय-समय पर उनके पास आता-जाता है। एक प|ी से उसे कोई संतान नहीं है, जबकि दूसरी प|ी से दो बेटियां हैं, जिन्हें वह पढ़ा रहा है। पेज एक का शेष भीमाशंकर… दर्शन अप्रतिम, रास्ता अविस्मरणीय चर्चा में शामिल कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब पाकिस्तान घुटनों पर था, तब युद्ध विराम की क्या जरूरत थी। युद्ध विराम की शर्तें देश के सामने रखनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने भी युद्ध विराम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदीजी ने 90 रन पर पारी घोषित कर दी। क्या कभी ऐसा सुना है? यह मोदीजी कर सकते हैं, कोई और नहीं। वहीं, भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी अपने नेता और प्रसिद्ध वक्ता शशि थरूर को लोकसभा में बोलने नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने कई बार भारत के हितों के साथ समझौता किया। हालांकि रिजर्व फॉरेस्ट होने की वजह से मंदिर का विस्तार बड़ा मुश्किल है। वैसे सीढ़ियों के ऊपर गुड़ी-मुड़ी टिन की छत है फिर भी नीचे पानी-पानी। क्योंकि बारिश यहां बंद ही नहीं होती। जैसे ये क्षेत्र भीमाशंकर नहीं बल्कि चेरापूंजी के पिताजी हों। श्रद्धालु इस बारिश और उससे गीली पड़ी सीढ़ियों को भोले की कृपा समझकर जय भोले, जय शंकर का जयकारा लगाते रहते हैं। कहते हैं- आठ घंटे लगें या दस, दर्शन करके ही जाएंगे। दर्शन के लिए कतार में लगे श्रद्धालु।

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