आय से अधिक संपत्ति मामले में नाभा जेल में बंद पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज, 29 जुलाई को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान मजीठिया के वकीलों ने याचिका में संशोधन के लिए समय मांगा था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। अमृतसर से हुई थी गिरफ्तारी विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को 25 जून को अमृतसर से गिरफ्तार किया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसके अलावा, 2021 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मजीठिया पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में अब तक तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय, ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर, मजीठिया के पूर्व पीए समेत कुल छह लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर उनकी संपत्तियों की जांच की गई है। सरकार का दावा है कि उसके पास मजबूत सबूत हैं। वहीं, मजीठिया के वकीलों का कहना है कि इस केस में कोई ठोस आधार नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार मीडिया में तो बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन अदालत में उसके वकील पीछे हट जाते हैं। इन-कैमरा नहीं, लाइव स्ट्रीमिंग की मांग
मजीठिया के वकीलों ने मोहाली की अदालत में एक अर्जी दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि इस केस की सुनवाई इन-कैमरा न होकर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए की जाए। उनका तर्क है कि इस केस में पूरे पंजाब और विदेशों में बसे लोग भी सच्चाई जानना चाहते हैं।


