भास्कर न्यूज | अमृतसर एसजीपीसी ने जीएनडीयू के कुलपति डॉ. करमजीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सेवा नियमों के संदर्भ में गठित कमेटी से हटा दिया है। एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसा डा. कर्मजीत सिंह द्वारा आरएसएस प्रमुख के साथ की गई चर्चा के दौरान सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के नतीजतन किया गया है। सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में डॉ. करमजीत सिंह आरएसएस प्रमुख से बातचीत के दौरान सिख विरोधी विचारधारा व्यक्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। संगत की आपत्तियों को देखते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने डॉ. करमजीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सेवा नियमों के संबंध में गठित कमेटी से हटा दिया है। जीएनडीयू ने कहा है कि वाइस चांसलर एकेडमिक उद्देश्य से कोच्चि स्थित अमृता यूनिवर्सिटी में वाइस-चांसलर्स की बैठक में गए थे। प्रवक्ता के अनुसार, वीसी ने इस दौरान पंजाबी भाषा के डिजिटलीकरण और यूनिवर्सिटी में सिख चेयर की स्थापना जैसी पहलों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सोशल मीडिया पर जो बातें कही जा रही हैं, वे भ्रामक और तथ्यहीन हैं।


