भास्कर न्यूज| लुधियाना लुधियाना स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बाहर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद द्वारा कादियानी जमात के मुखिया मिर्जा गुलाम कादियानी का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर मजलिस अहरार के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने भारत सरकार से पाकिस्तान से कादियान आने वाले यात्रियों का वीजा तुरंत रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि यह लोग यात्रियों के भेष में भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा हो सकते हैं, क्योंकि कई बार इनके आने के बाद देश में आतंकवादी घटनाएं घटित हुई हैं। शाही इमाम ने आरोप लगाया कि कादियानी जमात ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था और बाद में भी इसके कई सदस्य आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। उन्होंने भारत सरकार से कड़ी जांच की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान से कादियान आने वालों की उच्च स्तरीय जांच की जाए। मौलाना उस्मान लुधियानवी ने यह भी कहा कि जो राजनीतिक नेता धर्म के नाम पर कादियानियों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें इनकी इतिहास और वर्तमान गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसा न हो कि ऐसे लोग इस्लाम की विरोधिता के चलते देश की एकता को नुकसान पहुंचा रहे हों। शाही इमाम ने आगे कहा कि भारतीय मुसलमानों ने हमेशा देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी है, लेकिन कादियानी जमात ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों का समर्थन किया । उन्होंने कहा कि यह इतिहास का शर्मनाक हिस्सा है कि कादियानी जमात के संस्थापक मिर्जा कादियानी ने अंग्रेजों के साथ मिलकर भारतीय मुसलमानों को स्वतंत्रता संग्राम से अलग करने का प्रयास किया। यह प्रदर्शन एक बार फिर कादियानी जमात के खिलाफ माहौल बनाने का हिस्सा था, जिसे लेकर धार्मिक और राजनीतिक विवाद समय-समय पर उठते रहे हैं।


