गिरिडीह |ताराटांड़ थाना क्षेत्र की फुल्ची पंचायत के चितरपुरा गांव में रविवार रात एक गरीब बुजुर्ग दंपती का मिट्टी का घर गिर गया। लगातार बारिश के कारण रात करीब 11 बजे घर भरभरा कर ढह गया। उस समय रोबिसोल हेम्ब्रोम और उनकी पत्नी जोबा मुनी देवी घर में सो रहे थे। दोनों मलबे में दब गए। घर गिरने की तेज आवाज सुनकर रिश्तेदार और पड़ोसी बाहर निकले। उन्होंने देखा कि पूरा घर धराशायी हो चुका है। अंदर से दंपती की चीखें सुनाई दे रही थीं। लोगों ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि दोनों को सिर्फ हल्की चोटें आईं। बड़ा हादसा टल गया। पीड़िता ने बताया कि गांव वालों ने फुल्ची पंचायत के मुखिया सुनील सोरेन को सूचना दी, लेकिन अब तक कोई देखने नहीं आया। घर का सारा सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। दंपति को रात अपने रिश्तेदार के घर गुजारनी पड़ी। आगे क्या होगा, उन्हें नहीं पता। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले आदिवासी और गरीबों की कोई सुध नहीं लेता।


