लोहारका रोड स्थित इन्विक्टस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘यंग एंटरप्रेन्योर 2025’ में पहुंचे प्रसिद्ध उद्यमी, लेखक व कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिक ने स्टूडेंट्स को कहा कि आने वाले समय में वह उन्हें बिजनेस पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप का मतलब यह नहीं होता कि बिजनेस शुरु कर दिया और हम कामयाब हो गए। ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता। हम यह न देखे कि पैसा आना चाहिए। पैसा अपने आप आता है, जब आपका बिजनेस आईडिया कुछ ऐसा हो, जिससे समाज की कोई समस्या भी हल हो रही है। इसके अलावा उन्होंने स्टूडेंट्स को स्टार्ट-अप करने के लिए किन चीजों की ज्यादा जरुरत होती है, उसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इसके लिए फाईनांशियल प्लान चाहिए होता है। उसकी ग्राउंड तैयार करनी होती है और उसके पश्चात प्रोडक्ट्स की आरएंडडी करनी होती है। प्रोडक्ट्स की आरएंडडी किए बिना कोई भी चीज लांच करने का कोई फायदा नहीं होता। प्रोडक्ट्स की बेसिक कॉस्ट कितनी पड़नी है, यह भी जरुरी होता है। मंगलवार को आयोजित हुए इस कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिता भी करवाई गई थी, जिसमें करीब एक हजार स्टूडेंट्स में से 300 का सेलेक्शन किया गया। इस प्रतियोगिता में संस्कार वैली स्कूल भोपाल ने पहला, इन्विक्टस इंटरनेशनल स्कूल ने दूसरा और डीसीएम स्कूल लुधियाना ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में अंकुर वारिक के अलावा विशिष्ट सेवा पदक प्राप्तकर्ता मेजर जनरल कार्तिक सी शेषाद्रि भी खास तौर पर पहुंचे थे। आए हुए अतिथियों का स्कूल निर्देशक मनजोत ढिल्लों ने स्वागत कियाष। उन्होंने भी स्टूडेंट्स को जोखिम लेना, नेतृत्व और सफलता के नए मायने जैसे विषयों पर प्रेरित किया। एक खास पहल के तहत स्कूल द्वारा अमृतसर की 15 प्रमुख महिला उद्यमियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान में न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया, बल्कि स्थानीय व्यापार जगत में महिलाओं की भूमिका को भी केंद्र में लाया। निर्देशक मनजोत ढिल्लों ने कहा कि उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य है युवाओं को बड़ा सोचने, नवाचार करने और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना। यहीं वे मंच है, जहां से भविष्य के परिवर्तनकारी नेताओं की शुरुआत होती है।


