भास्कर न्यूज | जांजगीर राज्य सरकार द्वारा बिजली बिल हॉफ योजना बंद करने पर कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस ने इसे जनता पर सीधा अत्याचार बताया है। सरकार ने अब केवल 100 यूनिट तक की खपत पर ही बिल हॉफ करने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश के अधिकांश उपभोक्ता योजना से बाहर हो गए हैं। नए नियम के अनुसार 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर उपभोक्ता को पूरा बिल देना होगा। 100 यूनिट तक की छूट भी नहीं मिलेगी। यह बात जिला कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष रमेश पैगवार ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होेंने कहा कि सरकार के इस फैसले के विरोध में वे 7 अगस्त की शाम 5 बजे सरकार का पुतला दहन करें। पैगवार ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 5 साल पहले यह योजना शुरू की थी। उस समय 400 यूनिट तक की खपत पर बिजली बिल आधा लिया जाता था। इससे प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। उपभोक्ताओं को 5 साल में करीब 40 से 50 हजार रुपए तक की बचत हुई थी। अब सरकार के नए फैसले से यह राहत खत्म हो गई है। पिछले महीने ही सरकार ने बिजली दरों में चौथी बार बढ़ोतरी की थी। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट, गैर घरेलू पर 25 पैसे और कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई थी। डेढ़ साल में कुल 80 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हो चुकी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। शहर और गांव में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। कांग्रेस सरकार के समय 24 घंटे बिजली मिलती थी। गर्मी में जरूरत बढ़ने पर दूसरे राज्यों से बिजली खरीदी जाती थी। प्रदेशभर से अनाप-शनाप बिजली बिल आने की शिकायतें मिल रही हैं। स्मार्ट मीटर के नाम पर ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। कांग्रेस ने कहा, कोयला, पानी, जमीन हमारी और बिजली हमें ही महंगे दाम पर बेची जा रही है। पार्टी ने इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।


