हरियाणा की जेलों में मिले मोबाइल की SIT करेगी जांच:काला राणा केस की अलग से होगी जांच; जेल डीजी बोले-संलिप्त कर्मचारियों को छोड़ेंगे नहीं

हरियाणा की 5 जेलों में 23 मोबाइल मिले हैं। इसको लेकर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। डीजी जेल आलोक राय ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। हालांकि उन्होंने मोबाइलों की जांच के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच से कराने का आग्रह किया है। इस मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से 21 एफआईआर दर्ज की है, जिसकी जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी करेगी। सूत्रों की माने तो स्थानीय पुलिस की जांच प्रक्रिया सही नहीं होने से जेल विभाग ने क्राइम ब्रांच से जांच कराने का फैसला लिया है। जेल डीजी आलोक राय की ओर से साफ कहा गया है कि मोबाइल प्रकरण में यदि जेल का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं यमुनानगर जेल से बड़े गैंगस्टरों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल करने के मामले में भी जेल विभाग सख्त नजर आ रहा है। इसको लेकर जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है। CM सिटी कुरुक्षेत्र सहित 5 जेलों से बरामद हुए मोबाइल पिछले 6 महीने में प्रदेश की 5 जेलों से 23 मोबाइल बरामद किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 9 मोबाइल अकेले कुरुक्षेत्र जेल से बरामद किए गए। जबकि हिसार-1 से 5, फरीदाबाद जेल से 4, करनाल और सिरसा से 1-1 मोबाइल मिला है। खास बात यह है कि 22 मोबाइल स्थानीय जेल कर्मियों द्वारा बरामद किए गए। जबकि कुरुक्षेत्र जेल से 1 मोबाइल पुलिस के साथ संयुक्त छापामारी में बरामद किया गया था। इन मामलों में 5 जिलों की पुलिस की ओर से अलग-अलग 21 एफ.आई.आर. दर्ज की गई थी। साथ ही मामले में अब तक 29 बंदियों को गिरफ्तार किया गया है। नारकोटिक्स केस में 20 एफआईआर जेलों से मोबाइल की बरामदगी के साथ ही नारकोटिक्स मिलने के मामले में भी जेल विभाग सख्त हो गया है। इस मामले में अब तक 20 एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे ज्यादा नारकोटिक्स के मामले में करनाल जेल में 5 एफआईआर और 10 गिरफ्तारियां, हिसार-1 में 4 एफआईआर और 3 गिरफ्तारियां, जिसमें एक वार्डर भी शामिल है। फरीदाबाद में 4 एफआईआर और 4 गिरफ्तारियां, हिसार-2 में 1 एफआईआर और 2 गिरफ्तारियां और गुरुग्राम में 2 एफआईआर में 8 गिरफ्तारियां, जिसमें एक वार्डर भी शामिल है। इसी तरह से जींद जेल में 1 एफआईआर और एक गिरफ्तारी, कुरुक्षेत्र में 2 एफआईआर और एक गिरफ्तारी तथा नूंह में 1 एफआईआर दर्ज की गई है। गैंगस्टर काला राणा केस की अलग से जांच होगी यमुनानगर जेल में वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा द्वारा मोबाइल इस्तेमाल करने के मामले की जांच के लिए जेल विभाग ने यमुनानगर एस.पी. कमलदीप गोयल की अगवाई में एक एसआईटी गठित की है। एसआईटी में अंबाला जेल के अधीक्षक सतविंद्र कुमार और डीएसपी एसटीएफ अमन कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी यमुनानगर जेल प्रशासन पर लगे गंभीर आरोपों के मामले की जांच करेगी। सूत्रों की माने तो पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि काला राणा साजिश रचने के लिए एक मोबाइल का इस्तेमाल करता था। जेल ट्रांसफर से पहले वह इस संदिग्ध नंबर से दूसरे संदिग्ध नंबर के संपर्क में था। वह दूसरा नंबर किसी बड़े गैंगस्टर का है और जेल में इस्तेमाल हो रहा है। इसमें यह भी पता चला है कि काला राणा को मोबाइल यमुनानगर जेल के किसी कर्मचारी की मदद से मुहैया कराया गया था। आरोप है कि इसी फोन के जरिए काला राणा ने खेड़ी लक्खा सिंह के ट्रिपल मर्डर की साजिश रची थी। डीजी जेल बोले-संलिप्त कर्मचारियों को छोड़ेंगे नहीं डीजी जेल आलोक कुमार राय ने कहा कि हरियाणा की जेलों से होने वाले अपराधों पर पूर्ण विराम लगाना मेरी पहली प्राथमिकता है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है। अब यदि जेल परिसर से मोबाइल और नारकोटिक्स बरामद हुआ, तो जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इसके लिए सभी जेल अधीक्षकों को सख्त हिदायत जारी की गई है और पुराने मामलों की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

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