छ्त्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मनरेगा विभाग के एक कर्मचारी से 61 लाख रुपए का सायबर फ्रॉड हुआ है। फ्रॉड ने वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से ऑनलाइन काम कर कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लाभ दिया। फिर पैसे ऐंठ लिया। अब पुलिस ने केरल से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, हारम पारा के भूपेंद्र तेलामी को द गुड गाइज इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के नाम से फोन पर एक मैसेज आया और मैसेज में लिखा था कि वर्क फॉर्म होम काम कर प्रतिदिन 1200 से 6000 रुपए कमा सकते हैं। जिसका एक लिंक दिया और कांटेक्ट नंबर भी दिया गया। वहीं भूपेंद्र इस जाल में फंस गया। पहले मुनाफा दिया, फिर फ्रॉड किया युवक ने काम करना शुरू किया। शुरुआत में उसे अच्छे खासे पैसे मिले। फ्रॉड ने कहा था कि जो पैसे कमाए हो उसे वापस भेजो तो इसका डबल मिलेगा। वहीं भूपेंद्र अकाउंट में पैसे डालता गया। शुरुआत में फ्रॉड उसे दोगुना मुनाफा देकर पैसे देते गए। वहीं धीरे-धीरे कर उससे अपने खाते में करीब 61 लाख रुपए डलवा लिए। नहीं लौटाए पैसे, करवाई FIR जिसके बाद जब इसने पैसे देने कहा तो टाल मटोल करने लगे। फिर फोन ऑफ कर दिए। जिसके बाद युवक ने गीदम पुलिस थाना पहुंचकर मामले की FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की। SP ने थाना प्रभारी विजय पटेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई। टीम ने फ्रॉड की तलाश शुरू की। टीम को पता चला कि आरोपी केरल में हैं। केरल से 3 गिरफ्तार जिसके बाद TI विजय पटेल समेत अन्य जवान केरल गए। वहां से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें लागिथ गणेश (30), जितिन (30) और मुनीर (28) शामिल हैं। जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गीदम थाना प्रभारी विजय पटेल ने कहा कि इससे पहले भी राजस्थान और महाराष्ट्र से सायबर ठगों को गिरफ्तार किया गया था।


