भास्कर न्यूज | हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में रिसर्च एंड इनक्यूबेशन सेंटर प्रारंभ होगा। सेंटर के लिए बनने वाले भवन का भूमि पूजन श्रावण पूर्णिमा के दिन किया गया। कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा और उनकी पत्नी सरिता शर्मा शनिवार को भूमिपूजन किया। कुलपति ने बताया कि भूमि पूजन के लिए सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन का दिन चुना गया। आज अंतरराष्ट्रीय जनजाति दिवस” भी है। महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत ही गई। भूमि पूजन के समय कल कुलपति के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सह समाज विज्ञान के संकाय अध्यक्ष डॉ. सादिक रज्जाक व कुलपति सचिवालय में कार्यरत जयप्रकाश सिंह उपस्थित थे। संवेदक ने एक महीना पहले से ही कौटिल्य भवन के पीछे काम शुरू कर दिया था। जमीन का लेवलिंग किया गया। मिक्सर प्लेटफार्म तैयार किया गया है। योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए यूसेट के प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि यह भवन निर्माण जी-प्लस-4 होगा। भवन एवं फर्नीचर को लेकर कुल लागत 54 करोड़ है। इस एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट कम इनक्यूबेशन सेंटर भवन का निर्माण झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, रांची के द्वारा होना है। डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में उच्च शिक्षण संस्थानों में एक्सेस इक्विटी और क्वालिटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित योजना पीएम उषा के अवयव मल्टीडिसीप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरू) के राजकीय विश्वविद्यालय को बहुविषयक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में स्थापित किया जाना है। इसी क्रम में 2024 को मेरु (मेरू) के अंतर्गत विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग को 99.6 करोड़ रुपए की योजना की स्वीकृति प्रदान की गई थी। डॉ. अरुण मिश्रा ने बताया कि मेरु के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु झारखंड राज्य में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विभावि हजारीबाग में सेंटर आफ एक्सीलेंस ऑन साइबर सिक्योरिटी, सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस इन रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस, सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ऑन सोशल साइंस और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ऑन अप्लाइड साइंस की स्थापना की जानी है। विश्वविद्यालय में शोध को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में भी एडवांस रिसर्च लैब की स्थापना की गई थी। इसको विश्वविद्यालय सही से नहीं चला पा रहा है।


