भास्कर न्यूज | चाईबासा झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ और झारोटेफ पश्चिम सिंहभूम की ओर से झारखंड सरकार से मांग की गई है कि पश्चिमी सिंहभूम जैसे खनिज संपदा से भरपूर जिला में एक भी शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित नहीं है। यहां के युवकों को शिक्षक ट्रेनिंग नहीं मिलने के कारण पश्चिमी सिंहभूम के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। साथ ही सरकार से आग्रह होगा कि पश्चिमी सिंहभूम में शिक्षकों की पीटीआर विद्यार्थी व शिक्षक अनुपात को ठीक करने के लिए अधिक से अधिक शिक्षक पश्चिमी सिंहभूम को दिया जाए। पिछले दिनों शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण में जिला के उपायुक्त ने पीटीआर का हवाला दे कर राज्य के 24 जिला में से केवल पश्चिमी सिंहभूम जिला के 206 शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण संबंधी सभी प्रकार के कागजी कार्रवाई के बाद भी जिला स्थानांतरण को रोक दिया गया। अंत में शिक्षकों को अपने अधिकार और सरकार को निर्देश का पालन करवाने के िलए हाईकोर्ट का शरण लिया। पश्चिमी सिंहभूम आदिवासी बहुल क्षेत्र है। सरकार को विशेष अहमियत व ध्यान देने की जरूरत है। नहीं तो जिला का पीटीआर कभी भी नहीं सुधरेगा और न ही यहां के आदिवासी व मूलवासी को सही शिक्षा मिल पाएगी। शिक्षकों व छात्रों के हित व अधिकार को ध्यान में रखते हुए सपन साहू, जिला अध्यक्ष झारोटेफ सह पूर्व जिला अध्यक्ष, झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पश्चिमी सिंहभूम के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार से मांग की गई है।


