दैनिक भास्कर का मिनी मैराथन, बरमकेला में दौडे़ धावक:विजेताओं को किया गया पुरस्कृत, कलेक्टर बोले- आउटडोर गेम खत्म हो रहे मोबाइल का मोह छोड़ना पड़ेगा

मिनी मैराथन में भाग लेने वाले ऐसे बच्चे व युवा जो दौड़ने की प्रैक्टिस नियमित रूप से कर रहे हैं उन्हें दौड़ने में कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन जो पहली बार दौड़े, उन्हें थोड़ी परेशानियां हुई। उनकी सांस फूलने लगी, दौड़ते दौड़ते रुक गए या फिर थक कर बैठ गए, उन्हें प्यास लगने लगी। ऐसा क्यों हुआ। यह केवल प्रेक्टिस का फर्क है। नियमित दौड़ लगाने वालों के लिए दौड़ना आसान हो गया और कभी कभार दौड़ने वालों को दिक्कत हुई। आज की दौड़ यह बताती है कि इसी तरह जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है तभी सफलता मिलती है। ये बातें सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने दैनिक भास्कर द्वारा बरमकेला में आयोजित मिनी मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। दौड़ सारंगढ़ रोड में चांटीपाली मंदिर से करीब एक किमी ऊपर से थाना परिसर तक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि पहले गांवों में विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन होता था। तब बच्चे उसमें शामिल होकन खुद को स्वस्थ रखते थे, लेकिन वर्तमान में आउटडोर खेल पूरी तरह से विलुप्त हो गए हैं। बच्चे मोबाइल का आदि हो रहे हैं, इससे उनकी आदतें खराब हो रही है। उन्होंने धावकों से कहा कि मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर लाइफ स्टाइल में बदलाव लाएं। कार्यक्रम में एसडीएम अनिकेत साहू, सीईओ कमल पटेल, तहसीलदार पुष्पेंद्र राज, डीएमसी नरेश चौहान, बीईओ नरेंद्र कुमार जांगड़े, जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रमोद यादव, थाना प्रभारी एके बेक, कनकबीरा थाना प्रभारी टीकाराम खटकर आदि शामिल थे। जीवन में है उतार-चढ़ाव आते रहते हैं- SP
सारंगढ़ एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने धावकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह आज की दौड़ पहले ढलान से शुरू हुई फिर चढ़ाव आया उसके बाद फिनिंशिंग लाइन आई। ठीक उसी तरह जीवन में भी उतार चढ़ाव आता है। इसलिए उतार चढ़ाव से घबराना नहीं है। उन्होंने धावकों का उत्साहवर्धन् करते हुए कहा कि जीवन में किसी भी काम को करने के लिए हतोउत्साहित होना ठीक नहीं है। जीवन में पहले पैरामीटर तय करें उसके बाद उस काम को पूरा करें। एसपी वार्ष्णेय ने कहा दौड़ सहित किसी भी प्रतियोगिता में पहला, दूसरा, तीसरा आना महत्वपूर्ण नहीं है। परिणाम की चिंता किए बगैर दौड़ पूरी करना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी है। SP ने रखी धावकों पर नजर
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने धावकों को दौड़ने की टिप्स देते हुए कहा कि जिस समय आप लोग दौड़ रहे थे उस समय एसपी आंजनेय वार्ष्णेय आप लोगों के दौड़ने के तरीके पर नजर रखे हुए थे। एसपी ने बताया कि तेज दौड़ने वाले ज्यादा दूर तक नहीं दौड़ पाएंगे। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि लंबी दौड़ है तो दौड़ की शुरूआत धीमी करें फिर उसमें गति लाएं और दौड़ यदि छोटी है तो तेज दौड़ कर पूरी करें। विजेताओं से भी पूछा क्या बनना चाहते हैं
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे व एसपी आंजनेय वाष्र्णेय ने मिनी मैराथन के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। विजेताओं से कलेक्टर और एसपी ने जानना चाहा कि आखिर वे दौड़ते क्यों है। पुरूष वर्ग के विजेता ने जब कहा कि वह पुलिस बनना चाहता है, तो एसपी वार्ष्णेय ने कहा कि तुम्हारी छाती की चैड़ाई कम है, इसे बढ़ाओ। इसी तरह बालिका वर्ग की विजेता ने भी कहा कि वह पुलिस बनना चाहती है, इसी तरह अन्य विजेताओं में किसी ने अग्निवीर में जाने तो किसी ने सैना में जाने की जानकारी दी। कलेक्टर व एसपी ने विजेताओं व अन्य प्रतिभागियों को आगे बढ़ने के लिए टिप्स भी दिए। ये रहे प्रतियोगिता के विजेता
बालिका वर्ग में विजेता ईश्वरी सिदार, उपविजेता टिकेश्वरी सिदार व तीसरे स्थान पर नेहा भारती रहीं। वहीं बालक वर्ग में हरि चौहान विजेता, उपविजेता रोहन एक्का, तृतीय लोचन यादव रहे। जिन्हें पुरस्कृत भी किया गया।
इनका रहा योगदान
मिनी मैराथन आयोजन में व्यायाम शिक्षक किशन कुमार चौधरी, सेजेस बरमकेला के शिव बघेल, विकास खंड क्रीड़ा अधिकारी यशवंत यादव, पास्कल केरकेटा लिंजिर, पुरषोत्तम पांडेय गोबरसिंहा, दिनेश पटेल, बार पीटीआई, तरुण महापात्र के साथ ही स्पांसर सुभाषचंद्र बोस पब्लिक स्कूल सरिया, सीएपीएम काॅलेज सारंगढ़, निष्ठा कंप्यूटर सरिया और शारदा पेट्रोलियम बरमकेला का योगदान रहा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *