पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने अपने अंतिम दौर में बनाए 9 नए जिलों और तीन संभाग को आज भजनलाल सरकार ने समाप्त कर दिया है। इसी के साथ जोधपुर ग्रामीण जिले को भी समाप्त कर दिया है। ऐसे में वृहद जोधपुर जिला अब एक ही रहेगा। अब राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग होंगे। शनिवार को भजनलाल कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री जोगाराम पटेल ने इस बात की जानकारी दी। फलौदी जिला रहेगा, जोधपुर ग्रामीण निरस्त गहलोत सरकार में जब नए जिलों की घोषणा के समय जोधपुर ग्रामीण जिले की अचानक घोषणा होने से जोधपुर की आम जनता भी इसे स्वीकार नहीं कर पा रही थी। जोधपुर ग्रामीण की सीमा बहुत छोटी रखी गई थी और जोधपुर नगर निगम के बाहर का क्षेत्र को जोधपुर ग्रामीण जिला बना दिया गया। हालांकि, फलौदी जोधपुर से अलग होकर जिले बनाए जाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। ऐसे में फलौदी जिले को कायम रखा गया। फलोदी को जिला बनाने के लिए पहले से सरकार ने तैयारी की थी। एडीएम, एडिशनल एसपी सहित सभी विभागों के एचओडी नियुक्त थे। दूसरी ओर जोधपुर जिला मुख्यालय पर पहले से ही विभागों के शहरी और ग्रामीण एचओडी के पद सृजित थे। जैसे 24 साल से जोधपुर ग्रामीण एसपी सहित दो सीएमएचओ, दो डीटीओ, रसद अधिकारी जैसे कई जनता से सीधे जुड़े विभाग बने हुए थे। ग्रामीण में 12 तहसील थी ऐसे में सिर्फ नाम के लिए दो जिले बनाए गए , लेकिन दोनों का मुख्यालय तो जोधपुर रहा। जोधपुर ग्रामीण जिले में 8 उपखंड और 12 तहसील शामिल की गई थी। सीमांकन के अनुसार लूणी, बिलाड़ा, भोपालगढ़, पीपाड़ सिटी, ओसियां, बावड़ी, शेरगढ़, बालेसर उपखंड ग्रामीण में शामिल हुए थे। यह जिले हुए खत्म मंत्री ने बताया कि राजस्थान में दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, अनूपगढ़, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण और सांचौर जिले खत्म कर दिए गए है। इसके साथ ही तीन नए संभाग- बांसवाड़ा, सीकर और पाली संभाग को समाप्त कर दिया गया है। यह जिले बने रहेंगे बालोतरा, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन, फलोदी और संलूबर जिले बने रहेंगे यह जिले भी गहलोत सरकार के समय बने थे जिसे यथावत रखा गया है।


