मुहाना मंडी में अव्यवस्थाओं की भरमार:करोड़ों टैक्स के बावजूद नहीं मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं

एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी, मुहाना, इन दिनों अव्यवस्थाओं का शिकार है। मंडी में टूटी सड़कों, गंदगी और अन्य समस्याओं के कारण स्थानीय व्यापारी ही नहीं, दूर-दराज से आने वाले व्यापारी भी परेशान हैं। करोड़ों रुपए टैक्स वसूलने के बावजूद मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। विकास के मुद्दे पर व्यापारियों और प्रशासन के बीच आए दिन खींचतान होती रहती है। सीवर का पानी दुकानों में घुस रहा जयपुर फल थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष गोविंद चेलानी ने बताया- मंडी में सड़कें आठ-नौ साल पहले बनाई गई थीं, लेकिन उनकी कभी मरम्मत नहीं हुई। लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद सीवर लाइनें साफ नहीं हो पा रही हैं। सीवर का गंदा पानी दुकानों के बेसमैंट में घुसकर व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। प्लेटफॉर्म बने हुए 16 साल हो गए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत के लिए प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। बारिश के दौरान छतों से पानी टपकता है, जिससे व्यापारियों को काम करने में काफी परेशानी होती है। प्रशासन की अनदेखी से नहीं हो रहे विकास के काम
चेलानी ने बताया कि मंडी में लगाए गए डोम के नीचे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते डोम के नीचे कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे व्यापारियों को काम करने में दिक्कत होती है। मंडी में जगह-जगह कचरे के ढ़ेर पड़े है। नाले खुले है, सीवर की सफाई नहीं होती। उन्होंने बताया कि मंडी से हर साल लगभग 30 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में वसूले जाते हैं। बावजूद इसके, प्रशासन बजट की कमी का बहाना बनाता है। मंडी में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, जिससे आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं। न तो मंडी समिति और न ही सरकार इस ओर ध्यान दे रही है। कृषि कल्याण शुल्क पर व्यापारियों की नाराजगी
मंडी व्यापारियों ने कृषि कल्याण शुल्क का विरोध करते हुए कहा कि उनके ऊपर 1% शुल्क लगाया जाता है, जिससे सरकार को हर महीने 2.5-3 करोड़ रुपए की आमदनी होती है। हालांकि, इस शुल्क का फायदा व्यापारियों को नहीं मिलता। व्यापारियों का कहना है कि यह शुल्क घटाकर आधा किया जाए और इसे मंडी समिति को दिया जाए, ताकि मंडी में विकास कार्यों के लिए बजट की कमी न हो।
मंडी के व्यापारी प्रशासन और सरकार से मांग कर रहे हैं कि सीवर, सड़क और अन्य मूलभूत समस्याओं को हल किया जाए। साथ ही मंडी में सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजाम किए जाएं, ताकि व्यापार सुचारु रूप से चल सके। वहीं मुहाना मंडी सचिव मोहन लाल जाट का कहना है कि हमारी ओर से नालों के ढ़कान को लेकर प्रस्ताव दिया गया है। जल्द ही इसका काम शुरू करेंगे। जहां भी सफाई व्यवस्था सही नहीं है उसे दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे। मंडी में सब्जियों और फल का कचरा ज्यादा होता है ऐसे में यहां पूरे तरीके से सफाई रख पाना संभव नहीं है। हम अपनी ओर से प्रयास कर रहे है।

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