भास्कर न्यूज| लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाल न करने के विरोध में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट लुधियाना ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के कार्यालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 2022 में जारी अधूरे नोटिफिकेशन की प्रतियां मंत्री के गेट पर टांग दीं और सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस आंदोलन को कई भाईचारा संगठनों का समर्थन मिला। जिला प्रधान दलजीत सिंह समराला और सचिव हरजीत सिंह सुधार ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले और अपने चुनावी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाल करने का लिखित वादा किया था। लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केंद्र की तर्ज पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने की कोशिश कर रही है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है। शिक्षक नेताओं ने मांग दोहराई कि 2022 का अधूरा नोटिफिकेशन तुरंत लागू किया जाए। साथ ही डीए की बकाया किस्तों का भुगतान, भत्तों की कटौती खत्म करने, एसीपी स्कीम बहाल करने और विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की रेगुलर नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के दावे करने वाली सरकार शिक्षकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन में परविंदर दुग्गल, अरविंदर भंगू, हरपिंदर शाही, अमनदीप दोराहा सहित जिले भर से सैकड़ों शिक्षक पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।


