भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और यूथ रेडक्रॉस सोसायटी व रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में समाज को नशे की लत से मुक्त करना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम मेघा ताम्रकार ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान पर तंबाकू से होने वाले वाले दुष्प्रभाव के प्रति लोगो को जागरूक करने, तंबाकू के आयात निर्यात को कम करना। कोटपा एक्ट 2003 को सही तरीके से लागू करना। तंबाकू छोड़ने में लोगों की मदद करना। तंबाकू से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। यदि आप अपने आसपास इस एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए देखते हैं तो आप इस टोल फ्री नं. 1800 110 456 पर बात करके उस व्यक्ति की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बाद उन पर निम्नानुसार कार्यवाही की जायेगी। भारत भर में नशीली दवाओं की लत एक गंभीर और बढ़ती हुई चिंता का विषय है, जो व्यक्तियों, परिवारों और समग्र समाज के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रही है। यह विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रभावित करती है, जिसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं, जिनमें बढ़ती अपराध दर, तनावपूर्ण पारस्परिक संबंध, सीमित आर्थिक संभावनाएं और सामाजिक कल्याण पर व्यापक रूप से हानिकारक प्रभाव शामिल हैं। डॉ. मनोज कुमार साहू हर एक व्यक्ति से जुड़ना अभियान कहलाता है इसी के तारतम्य में हमारे भारत देश में आज नशा मुक्त भारत अभियान चला रहे। नशा जुनून है जोश है लेकिन लत में बदल जाए तो नाश है । हमारी दैनिक दिनचर्या की दशा और दिशा बदल गई है। हर वर्ग के लोग आज विभिन्न प्रकार के नशा कर रहे है और अपने अंदर वह शारीरिक, मानसिक व आर्थिक प्रभाव को पैदा कर रहे है। आपके आस पास कोई व्यक्ति यदि नशा के लत में है तो उनके साथ आप सामान्य व्यवहार के साथ एक दूसरे के साथ बातों को साझा करते हुए उसे नशा से दूर करने का प्रयास करें। नशा दैनिक जीवन जीने में असक्षम बना देता है उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने कहा कि नशा वो होता है जिसके कारण हमें दैनिक जीवन जीने में असक्षम बना देता है। नशा के कारण बुरी संगति, आज का युवा पीढ़ी बेरोजगारी, दिखावा, मानसिक तनाव है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ-साथ समाज की प्रगति के लिए भी गंभीर खतरा है। युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया। साथ सभी को नशा न करने का शपथ दिलाया।


