झारखंड के युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का सपना अब साकार होने जा रहा है। राज्य गठन के 25 साल बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने झारखंड फ्लाइंग क्लब को मंजूरी दे दी है। यह फ्लाइंग क्लब दुमका में स्थापित किया गया है, जहां अब हर साल 30 छात्रों को कॉमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ही फ्लाइंग एकेडमी के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। दुमका में प्रशासनिक भवन, छात्रावास, तीन जिलिन सिंगल इंजन विमान और प्रशिक्षकों की व्यवस्था कर ली गई थी। लेकिन डीजीसीए की मंजूरी न मिलने के कारण प्रशिक्षण शुरू नहीं हो पा रहा था। अब 7 अगस्त को डीजीसीए ने हरी झंडी दे दी है। यह फ्लाइंग क्लब देश का सबसे सस्ता पायलट प्रशिक्षण केंद्र बनने जा रहा है। जहां अन्य फ्लाइंग क्लबों में एक छात्र को कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने में करीब ₹1 करोड़ का खर्च आता है, वहीं झारखंड में यह खर्च ₹40 लाख से भी कम होगा। प्रवेश परीक्षा से 30 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, 15 का खर्च सरकार उठाएगी सरकार की योजना है कि अगले दो माह में परीक्षा आयोजित कर छात्रों का चयन कर लिया जाए और तीन माह के भीतर प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाए। फ्लाइंग क्लब में तीन प्रशिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो छात्रों को जिलिन सिंगल इंजन विमान पर प्रशिक्षण देंगे। उल्लेखनीय है कि साल 2023 के नवंबर माह में कैबिनेट में यह निर्णय लिया था कि राज्य सरकार दुमका एयरपोर्ट पर कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस विद मल्टी इंजन रेटिंग एंड एयरबस 320 टाइम रेटिंग प्रशिक्षण अकादमी का गठन करेगी। प्रवेश परीक्षा से 30 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें पंद्रह प्रशिक्षुओं को राज्य सरकार शत प्रतिशत छात्रवृत्ति देकर मुफ्त में पायलट बनाएगी। इस पर 9.10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके बाद डीजीसीए से अनुमति लेने का प्रयास सरकार लगातार कर रही थी। जो अब मिल गई है।


