शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर विधानसभा कमेटी की ओर से निगम में जाली दस्तखत-बोगस बिलों, जाली रसीदों के घपलों समेत डवलपमेंट कामों की रिपोर्ट के बारे 8 साल से जवाब मांगा जा रहा है। लेकिन अफसरों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। वहीं अब कमेटी ने सख्त लहजे में रिपोर्ट भेजने के लिए लैटर लिखा है। हैरानी की बात है कि 2017 से कमेटी 10 बार लैटर लिख चुकी है मगर जिम्मेदारों जवाब नहीं दिया। कमेटी की कार्रवाई भी सिर्फ लैटर भेजकर जवाब मांगने तक सीमित नजर आ रही है। यदि कोई बड़ा एक्शन लिया गया होता तो शायद 8 साल के बाद भी घपलों के मामलों की रिपोर्ट मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ती। फिलहाल, भेजे गए लैटर में लिखा है कि मांगी गई सूचना का जवाब लगभग 8 साल का समय बीत जाने के बाद भी विभाग की तरफ से सभा सेक्रेटेरिएट को नहीं भेजी गई। विभाग को हिदायत दी जाती है कि कमेटी की तरफ से मांगी गई सूचना का जवाब 20-20 कापियां पत्र प्राप्त होने की तिथि से 15 दिन के अंदर-अंदर भेजी जाए अन्यथा कमेटी विभागी प्रतिक्रिया को मौखिक जवाब के लिए बुला सकती है। निगम में गड़बड़ियों की जांच सिर्फ लैटरबाजी तक ही सीमित है। जब भी कोई घोटाला सामने आता है तो अकसर जांच को लटकाया जाता है। जिस तरह से निगम अफसरों की ओर से विस कमेटी को 8 साल से जवाब नहीं दिया जा रहा इससे पता चलता है कि कमेटी के लैटर को निगम अफसरों ने अपने ठेंगे पर रख लिया है। अब कमेटी ने सख्त लहजे में 15 दिन में रिपोर्ट भेजने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि अगर रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कमेटी की ओर से जो जवाब मांगे गए हैं उनमें सबसे अधिक ओएंडएम विभाग से जुड़े 7 मामले तो ऑटो-वर्कशॉप और लेखा विभाग से जुड़े 3-3 और एमटीपी-चुंगी विभाग से जुड़ा 1-1 मामला शामिल हैं। पंजाब विधानसभा सेक्रेटेरिएट स्थानीय संस्था कमेटी की ओर से निगम अमृतसर से संबंधित 7वीं रिपोर्ट 2009-10 में दर्ज सिफारिशों को भेजने के बारे बीते 25 मई 2027 को मीटिंग करवाई गई थी, जिसे लेकर जवाब मांगा जा रहा है। पहले भी कई बार इस विषय के संबंध में मौखिक व लिखित तौर पर जवाब संबंधित योग्य कार्रवाई के लिए लिखा जाता रहा है लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इन पैरा को सेटल नहीं करवाया गया। जिस कारण कमेटी की तरफ से सख्त एतराज किया गया है। कमेटी द्वारा पत्र भेजकर पेंडिंग पैरा का जवाब निर्धारित प्रोफॉर्मा बनाकर तुरंत भेजने की हिदायत दी गई है। पत्र के जरिए कहा गया है कि अपने-अपने विभागों की साथ संबंधित पैरा जो आपको कई बार भेजे जा चुके हैं। जवाब बनाकर ऑडिट से तस्दीक करवाकर लेखा शाखा को भेजा जाए। ताकि इन पैरा को पूरा करके समय पर कमेटी को भेजा जा सके। . ओएंडएम विभाग की ओर से आरजी पेशगियां का मिलान सीवरेज बोर्ड को की गई अदायगी संबंधी रिपोर्ट 15 दिन में भेजने का निर्देश। .सीवरेज बोर्ड को दी गई ग्रांट संबंधी मामले, फंड का उपयोग न करने पर वापसी को लेकर सीवरेज स्लूज यूटिलाइजेशन स्कीम और सब्सिडी की रकम प्राप्त करने के अलावा वरतो सर्टिफिकेट न भेजने संबंधी रिपोर्ट। .आकाश एवेन्यू कॉलोनी में डाले गए सीवरेज को मजीठा रोड से आ रही ड्रेन में डालने का काम पूरा कराया जाए। कमेटी को सभी जानकारी सहित रिपोर्ट भेजें। . चुंगी विभाग : जाली रसीदों के संबंध में मेसर्ज हिंदुस्तान वेजिटेबल ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड छेहर्टा संबंधी जो जवाब दिया गया उससे कमेटी संतुष्ट नहीं है। अफसर-कर्मचारी जिन्होंने घपला किया था और उस समय दौरान निगरान अफसरों ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय बचाव किया गया। निगरान अफसरों की जिम्मेदारी फिक्स करने के लिए कार्रवाई शुरू की जाए। इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट कमेटी को भेजें। लेखा शाखा को जाली दस्तखत व बोगस बिलों के संबंध में निगम कमिश्नर अमृतसर पुलिस कमिश्नर के साथ अपने पत्र से तालमेल बनाकर कोशिश करें। ताकि जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कराई जा सके। कमेटी को जानकारी उपलब्ध कराएं। .लेखा शाखा विभाग की ओर से साल 2007-08 व 09 के दौरान अलग-अलग काम व खर्चे के बारे में ताजा स्थिति की रिपोर्ट 15 दिन में भेजें। .फायर विभाग के सहायक मंडल अफसर कश्मीर सिंह के हाउस रेंट रिकवरी करने के लिए कार्रवाई करें। यह अफसर इस समय किस जगह पर रह रहा और पोस्टिंग कहां है। कमिश्नर निगम द्वारा तालमेल करके निपटारा कराकर कमेटी को रिपोर्ट भेजी जाए। ऑटो वर्कशॉप 15 दिन के अंदर रिपोर्ट भेजे कि अफसरों-कर्मियों की तरफ से समर्थ अथॉरिटी की अनुमति लिए बिना सफर करने की जिम्मेदारी फिक्स की जाए। वर्कशॉप द्वारा रिकवरी की जाने वाली राशि कितनी है। कितनी रिकवरी की जा चुकी है। रिकवरी के लिए अब तक क्या किया गया। विधानसभा कमेटी ने इतनी बार भेजा लैटर .6 जून 2017 .7 नवंबर 2017 .4 जनवरी 2018 .15 मार्च 2018 .15 मई 2018 .27 जून 2018 .06 सितंबर 2018 .20 मार्च 2019 .22 अप्रैल 2021 .14 फरवरी 2022 फिर लगातार


