शहर की पान दुकानों, गिफ्ट शॉप और जनरल स्टोर में खुलेआम चाकू, पंच समेत धारदार हथियार बेचे जा रहे हैं। एक दिन पहले दैनिक भास्कर की स्टिंग में इस बात का खुलासा हुआ कि अधिकांश दुकानों पर बगैर किसी पूछताछ के बेखौफ होकर ऐसे हथियार बेचे जा रहे हैं, जबकि पिछले कुछ माह में ऐसे हथियारों से हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। इसे लेकर दैनिक भास्कर में गुरुवार को प्रकाशित खबर पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लिया और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को शपथ पत्र के साथ जवाब देने के निर्देश दिए। इस मामले पर अब 25 अगस्त को सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने कहा कि अपराध रोकने धारदार हथियारों की बिक्री पर तुरंत और सख्त नियंत्रण जरूरी है। शहर में चाकूबाजी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गोल बाजार समेत कई इलाकों में पान की दुकानों, जनरल स्टोर और गिफ्ट शॉप्स में धारदार हथियार बिना किसी रोक-टोक बिक रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि दुकानदार न तो खरीदार से कोई सवाल करते हैं, न उम्र की जांच। नाबालिगों को भी आसानी से चाकू बेचे जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार को एक जनरल स्टोर से तीन चाकू खरीदे, जिनमें एक धारदार पतला फोल्डिंग चाकू भी शामिल था। यूपीआई के जरिए इसका भुगतान किया गया। वहीं एक गिफ्ट शॉप से भी टीम ने फोल्डिंग और बटन वाला चाकू बिना किसी परेशानी के खरीदा। दुकानदार ने कोई पूछताछ नहीं की। लॉ एंड ऑर्डर के लिए बने चुनौती : धारदार हथियारों से हमलों के मामलों में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई जरूर की है, लेकिन धारदार हथियारों की आसान उपलब्धता ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दे दी है। ऑनलाइन साइट्स पर भी चाकुओं की बिक्री जारी है, जिसे रोकने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। 7 महीने में चाकूबाजी के 120 केस, 7 मौतें, पुलिस खामोश भास्कर की स्टिंग में खुलासा हुआ कि रसोई के चाकू और ओपनर के नाम पर भी घातक हथियार खुलेआम बेचे जा रहे हैं। यही वजह है कि बिलासपुर में पिछले 7 महीनों में 120 चाकूबाजी के मामले दर्ज हुए, जिनमें 7 लोगों की मौत और 122 घायल हुए हैं। मामूली कहासुनी में भी वारदातें हो रही हैं। सिविल लाइन और सरकंडा थाना क्षेत्रों में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। हाई कोर्ट के संज्ञान लेने पर शुरू की जांच भास्कर में खबर छपने और इस पर हाई कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और टीम ने गोलबाजार में जांच की। गुरुवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल ने कोर्ट को बताया कि एक दुकानदार की तस्वीर भी सामने आई है, जो खुलेआम चाकू बेच रहा था। दुकानदार ने इस पर जवाब देने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को इस मामले में पक्षकार बनाते हुए 3 दिन में शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं।


