दिल्ली दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर की तस्वीर कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ दिखने पर पंजाब में विवाद छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरना शुरू किया है। उन्होंने राहुल गांधी से इस घटना को लेकर माफी मांगने और सिखों के प्रति अपना स्टैंड साफ करने की मांग की है। गौरतलब है कि दिल्ली में बीते दिन स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरों को राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया। जिसमें साफ दिखा कि राहुल गांधी के पीछे जगदीश टाइटलर खड़े हैं। विपक्षीय पार्टियों के नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय स्तरीय में सिर्फ गिने चुने लोग, जिन्हें न्योता भेजा गया था, ही मौजूद थे। ऐसे में अगर जगदीश टाइटलर को भी बुलाया गया है तो ये सिखों के साथ धोखा है। सिखों के कत्लेआम के दोषियों को साथ बैठा रहे राहुल भाजपा के वक्ता प्रितपाल सिंह बलियेवाल ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया गया। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की, जिसमें जगदीश टाइटलर सााथ दिखे। हद तो तब हो गई, जब कौमी वक्ता बोलते हैं कि टाइटलर अभी दोषी करार नहीं है। इस घटना के बाद पंजाब कांग्रेस के नेता, जो पगड़ियां पहनते हैं, मुंह नहीं खोलते और ना ही निंदा करते हैं। राहुल गांधी विदेश की धरती पर जाकर बोल देते हैं कि सिखों को कड़ा पहनने व पगड़ी बांधने की आजादी नहीं है। लेकिन जिन्होंने सिखों की पगड़ियां उतारी, गले में टायर डाल जलाया, उनका मुख्य दोषी साथ बैठाते हैँ। ये नरेंद्र मोदी ही है, जिन्होंने सज्जन कुमार जैसों को जेल में डाले रखा है। इस पर पंजाब कांग्रेस अपना स्पष्टिकरण देना होगा। राहुल गांधी घटना पर माफी मांगें आम आदमी पार्टी के वक्ता नील गर्ग ने कहा- कांग्रेस से डबल स्टैंडर्ड शायद ही कोई हो। सारी दुनिया जानती है कि आजाद भारत में सबसे बड़ा कत्लेआम क्या है। जिन्हें दोषी माना जाता है, वे काग्रेस के कार्यक्रमों में नजर आते हैं। ये घावों पर नमक छिड़कने के बराबर है। कांग्रेस को साफ करना होगा कि वे कातिलों के साथ हैं या इंसाफ के साथ। कोई भी इंसाफ पसंद इंसान इसे सहन नहीं कर सकता। एक तरफ कांग्रेस इंसाफ की बात करे और दूसरी और कातिलों के साथ स्टेजें सांझी करें। आज जो कांग्रेस की लीडरशिप है, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, स्पष्ट करें कि उनका स्टैंड क्या है और राहुल गांधी समूह सिखों से माफी मांगें। कौन हैं जगदीश टाइटलर जगदीश टाइटलर 2004 में मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री थे, लेकिन विरोध के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें पिछले साल दिल्ली नगरपालिका चुनाव के लिए समिति में शामिल किया गया था, जिससे विवाद हो गया। उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी शामिल होना था, लेकिन कंट्रोवर्सी से बचने के लिए वे यात्रा में शामिल नहीं हुए। टाइटलर को क्लीन चिट मिली चुकी थी सिख दंगा केस में CBI टाइटलर को पहले तीन बार क्लीन चिट दे चुकी थी। पहली क्लीन चिट 2007 में मिली थी, लेकिन अदालत ने इसे सिरे से खारिज कर दोबारा जांच के आदेश दिए। इसके बाद 2013 में CBI ने फिर से सबूतों का अभाव बताकर टाइटलर को क्लीन चिट दी थी। याचिकाकर्ता फिर कोर्ट पहुंचे, जांच हुई और टाइटलर फिर बच गए। आखिर में अदालत ने दिसंबर 2015 में CBI को मामले की और जांच करने का निर्देश देते हुए कहा था कि वह हर 2 महीने में जांच की निगरानी करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर एक पहलू की जांच की जाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि CBI उन सभी गवाहों के बयान दर्ज करे, जिन्होंने खुद को चश्मदीद बताया और टाइटलर को दंगा भड़काते देखा। जिन गवाहों ने अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए CBI से संपर्क किया, उनके भी बयान लिए जाएं। इसके बाद CBI ने एक और जांच की और टाइटलर का नाम चार्जशीट में शामिल किया था। 1984 सिख विरोधी दंगा क्या है सिख विरोधी दंगे 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे। इंदिरा गांधी ने पंजाब में सिख आतंकवाद को दबाने के लिए सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर परिसर में ऑपरेशन ब्लूस्टार चलाया था, जिसमें आतंकी भिंडरावाले सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। सिख इस घटना से नाराज थे। इसके कुछ दिन बाद ही इंदिरा गांधी की उनके ही सिख बॉडीगार्ड ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही देशभर में सिख विरोधी दंगे शुरू हुए हो गए। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली और पंजाब में देखा गया था। दंगों के दौरान करीब साढ़े 3 हजार लोगों की मौत हुई थी।


