डीआईसीसीआई द्वारा भारत में सतत विकास के लिए विविधता समानता और समावेशन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी प्रांगण में रखा गया। वक्ताओं ने वंचित वर्ग के उत्थान के लिए उद्योग शुरू करने के लिए सरकारी सहायता के साथ ही स्वयम के बैंक होने पर भी प्रकाश डाला और जोर दिया कि केवल वर्तमान शिक्षा प्रणाली से गरीबी नही हटाई जा सकती है। उसके लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की 25 प्रतिशत आबादी का उद्योग एवं शिक्षा जगत में समावेश करवाना आवश्यक है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मभूषण डीआर मेहता, पूर्व चेयरमैन सेबी रहे और अति विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. मिलिंद काम्बले, फाउंडर चेयरमैन डीआईसीसीआई, संजीव डांगी, गवर्निंग बोर्ड मेम्बर, आईआईएम अहमदाबाद, जसवंत सम्पतराम, पूर्व आईपीएस, अंकित बबेरवाल, देव गोधा, निमेश बाबा, चन्द्रम मुकीन, सलाहकार डीआईसीसीआई यूएसए एवं वेलफेयर सोसायटी के महासचिव जीएल वर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए।


