बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-11 में कई हफ्तों से दहशत मचाने वाले हनुमान लंगूर की पिटाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। मामला जुलाई महीने का है। दरअसल इस लंगूर ने 15 से 20 लोगों को काट लिया था, जिसके बाद उसे पकड़ कर पीटा गया। यहीं से वीडियो वायरल हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद रांची और बोकारो वन विभाग की संयुक्त टीम ने 28 जुलाई को अभियान चलाकर घायल लंगूर को पकड़ लिया। उसे इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू जैविक उद्यान बोकारो भेज दिया। स्थानीय लोगों ने जमकर की थी लंगूर की पिटाई रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि स्थानीय लोगों ने इस पकड़े गए लंगूर को अमानवीय तरीके से लाठियों से पीटा था। पिटाई से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आई। वीडियो में कुछ लोग, जिनमें चास वन प्रमंडल का एक होम गार्ड जवान भी शामिल है, लंगूर को डंडों से पीटते दिख रहे हैं। FIR और POR दर्ज, होम गार्ड निलंबित मामले का संज्ञान लेते हुए PETA इंडिया ने बोकारो वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद विभाग ने हरला थाना में तीन नामजद व्यक्तियों—सेक्टर-11/C निवासी श्रीकांत मास्टर, सेक्टर-11/D निवासी अरविंद कुमार और चास फॉरेस्ट एरिया में तैनात होम गार्ड मंटू सिंह—के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 और 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 के तहत प्राथमिक अपराध रिपोर्ट (POR) भी दर्ज हुई। जानकारी के अनुसार, आरोपी होम गार्ड मंटू सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वन विभाग का सख्त संदेश वन अधिकारी संदीप शिंदे और बोकारो वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार ने स्पष्ट किया कि वन्य जीवों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानव और वन्य जीवों के बीच टकराव का हल हिंसा नहीं है। शहरी वन विभाग ने बताया कि घायल लंगूर का प्राथमिक उपचार बोकारो जू में किया गया। उसके स्वस्थ होते ही उसे जंगल में सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया जाएगा। अभी जू में ही लंगूर को रखा गया है।


