शराब घोटाले में गिरफ्तार जेएसबीसीएल के दो पूर्व जीएम (वित्त) सुधीर कुमार दास, सुधीर कुमार और प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को भी बुधवार को एसीबी कोर्ट ने जमानत दे दी। कोर्ट ने शर्त रखी कि जमानत के दौरान राज्य से बाहर जाने से पहले कोर्ट को सूचना देनी होगी। ट्रायल के दौरान अपना मोबाइल नंबर नहीं बदल सकेंगे। इन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलके भरने होंगे। इन्हें भी 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल न होने का लाभ मिला। पूर्व जीएम को एसीबी ने 21 मई को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मंगलवार को निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे को भी जमानत दे दी गई थी। दोनों पूर्व जीएम पर फर्जी बैंक गारंटी देने वाली प्लेसमेंट एजेसियों का सहयोग करने का आरोप है। आरोप है कि फर्जी बैंक गारंटी की पुष्टि होने के बाद भी न तो एजेंसियों को ब्लैकलिस्टेड किया गया और न ही उन पर केस दर्ज हुआ। अधिकारियों की मिलीभगत से प्लेसमेंट एजेंसियों को लाभ पहुंचाया गया और राज्य सरकार को 38.44 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। एसीबी ने एफआईआर में कहा है कि मार्च 2025 तक विजन हॉस्पिटेलिटी पर 12.98 करोड़ रुपए और मार्शन इनोवेटिव पर 25.46 करोड़ रुपए की देनदारी थी। इन दोनों प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी बैंक गारंटी दी थी।


