भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर जी ब्लॉक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में शहीदी दिहाड़ों पर चल रहे सफर ए शहादत समागम का समापन शनिवार सुबह वाहेगुरु सिमरन के साथ हुआ। वहीं शाम चार बजे श्री सहज पाठ धर्म प्रचार कमेटी की ओर से पदमपुर रोड स्थित गुरुद्वारा धन-धन बाबा दीप सिंह जी शहीद से सांध्यफेरी निकाली गई, जोकि शहर के मुख्य गुरुद्वारों व प्रमुख मार्गों से होते हुए शाम को गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में पंहुची, जहां गुरू का अटूट लंगर बरताया गया। शहर में जहां-जहां से सांध्यफेरी निकली, वहीं सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों सहित अनेक गुरु नानक नाम लेवा संगत ने पुष्प वर्षा और गर्म दूध व चाय का प्रसाद वितरित करते हुए श्रृद्धा भाव पूर्वक स्वागत किया। सांध्यफेरी शहर के अलग-अलग इलाकों से करीब पांच किलोमीटर का सफर तय करते हुए जी ब्लाक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में सम्पन्न हुई। जहां गुरू का अटूट लंगर बरताया गया। गुरुद्वारा प्रधान गुरबचनसिंह वासन ने बताया कि इससे पहले शनिवार सुबह गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में सात दिनों से चल रहे सफर ए शहादत समागम में श्री सहज पाठ के भोग उपरांत कीर्तन दीवान के उपरांत संगत ने सामूहिक रूप वाहेगुरु सिमरन किया। इसके साथ ही श्री दरबार साहिब अमृतसर के हुजूरी रागी जत्था भाई गुरमेल सिंह संगत को गुरुओं के परिवार द्वारा दी गई कुर्बानियों एवं शहादत के इतिहास से संगत को रू-ब-रू करवाया। गुरुद्वारा के हुजूरी कथावाचक ज्ञानी संतोख सिंह व रागी जत्था भाई हरविंदर सिंह हीरा ने संगत को गुरु चरणों से जोड़ा।


