कपूरथला में राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बाढ़ पीड़ितों की मदद को प्राथमिकता देते हुए अपना इंग्लैंड दौरा रद्द कर दिया है। उन्हें 22 अगस्त से 8 सितंबर तक इंग्लैंड में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होना था। इंग्लैंड की संगत एक साल से उनकी प्रतीक्षा कर रही थी। कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में संत सीचेवाल आज गांव आहली कलां में सक्रिय हैं। वे ब्यास दरिया के एडवांस बांध पर पड़ रहे दबाव को रोकने के लिए स्थानीय लोगों के साथ काम कर रहे हैं। पोंग डैम से लगातार आ रहे पानी के कारण धुसी बांध के अंदर करीब 500-600 फुट लंबे एडवांस धुसी बांध पर दबाव बना हुआ है। 2023 में इसी बांध के टूटने से हजारों एकड़ धान की फसल नष्ट हो गई थी। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था। इस साल भी स्थिति चिंताजनक है। आहली कलां के सरपंच शमिंदर सिंह के अनुसार, सुबह से ही ब्यास दरिया का पानी बांध को काट रहा था। बांध के आधे से ज्यादा कटने के बाद भी संतों और संगत के प्रयासों से इसे बचा लिया गया है। बांध ने बचाए 35 गांव
संत सीचेवाल ने क्षेत्र की संगत से बांध की मजबूती के लिए सहयोग मांगा है। यह बांध अब तक 35 गांवों को बाढ़ से बचाए हुए है। स्थानीय लोग और किसान मिलकर बांध के कटाव को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। सरूपवाल गांव के किसान बलविंदर सिंह ने बताया कि जैसे ही देर रात संत सीचेवाल को जानकारी मिली कि बांध टूटने की कगार पर है, तो उन्होंने तुरंत ही इंग्लैंड दौरा रद्द करके आहली कलां के एडवांस बांध पर पहुंचने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि संत सीचेवाल के वहां पहुंचते ही इलाके के लोगों और युवाओं को बड़ा हौसला मिला। फिलहाल के लिए बांध पर पड़ रही मार को रोक लिया गया है। जिससे इलाके की 30 से 35 हजार एकड़ फसल बच गई है। उन्होंने बताया कि इलाके के लोग और किसान लगातार बांधों पर अरदास कर रहे हैं।


