महिला किसान ने धनिया की आधुनिक तरीके से खेती कर बदली आर्थिक हालात, कई को दे रही है रोजगार

कटकमसांडी प्रखण्ड के डाँड़ पंचायत क्षेत्र के गोसी गांव की महिला किसान ममता कुमारी ने आधुनिक खेती किसानी से न केवल अपने परिवार की आर्थिक हालात बदले बल्कि क्षेत्र के महिला किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। गोसी कि रहने वाली इस महिला आरम्भ में गृहिणी का कार्य करती थी।पति की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार चलाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच इन्हें एलआईसी एचएफएल सीएसआर के तहत लीड्स संस्था के द्वारा संचालित लाइफ प्रोजेक्ट की जानकारी हुई। महिला किसान ने कटकमसांडी कार्यालय जाकर प्रोजेक्ट समन्वयक आलोक वर्मा से संपर्क किया और मदद की गुजारिश किया।संस्था की ओर से इस महिला किसान को आधुनिक व ऑर्गेनिक खेती का प्रशिक्षण दिया।प्रशिक्षण के बाद संस्था की ओर से तीन हजार रुपये की आर्थिक मदद किया।संस्था के कृषि विशेषज्ञों ने ममता को परम्परागत खेती के अतिरिक्त कम समय व अधिक पैसे देने वाली सब्जियों के बारे में बताया और इसकी खेती की उन्नत तकनीक के बारे में जानकारी दी। कीट नाशी के लिए जैविक निमास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया। प्रशिक्षण के उपरान्त इन्होंने महज तीन हजार रुपये की छोटी राशि से धनिया पत्ते की खेती शुरू किया।पहले ही प्रयास में इन्होंने इस खेती से लगभग 50 हजार रुपये का आय अर्जित किया। अपने साथ कई लोगों को जोड़कर कर रोजगार भी दे रही है। इस बार वह बड़े पैमाने पर खेती कर रही है।इधर महिला किसान के इस सफल प्रयास के बाद जो पहले सिर्फ छोटे क्यारियों में अपने उपयोग के लिए धनिया लगाते थे अब इसे व्यवसायिक स्तर पर लगाकर अपने आय संवर्धन कर रहे है। इधर प्रोजेक्ट के समन्वयक आलोक वर्मा ने बताया कि धनिया पत्ता न केवल सब्जियों में उपयोगी बल्कि इसके औषधीय गुणों के कारण इसकी मांग बाजार में सदैव रहता है। इसकी खेती किसानों के लिए अधिक लाभप्रद व कम समय में ज्यादा पैसे देने वाले हैं।

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