प्रखंड के ग्राम लुटा, नावाडीह सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले जतराही जंगल को धड़ल्ले से उजाड़ कर अतिक्रमण किया जा रहा हैं। वहीं उक्त गावों के अलावे ग्राम सलगावां के जीए भूमि पर भी कुछ भू-माफिया तबके के लोगों द्वारा खेती करते हुए झोपड़ी बनाकर कब्जा कर लिया गया है। जतराही जंगल को उजाड़े जाने से पर्यावरण पर संकट गहराने लगा है। बताया गया कि लुटा गांव के सीमा क्षेत्र में डीवीसी द्वारा 1952-53 में करीब सौ एकड़ भू-भाग में गोंदा जलाशय का निमार्ण किया गया था। जलाशय के दक्षिण क्षोर पर लुटा गांव के सर्वे खाता 199 में करीब 31 एकड़ जीएम भूमि है। जिसे कई लोगों द्वारा खाली पड़े जीएम भूमि व गोंदा जलाशय के किनारे भू-भाग में जगह-जगह अवैध रुप से कब्जा कर लिया गया है। लुटा के पूरब चहुदी में सलगावां के जीए खाता 115 के लगभग 50 एकड़ भूमि पर लोग खेती बाड़ी कर कब्जा कर रखे हैं। चिंता का विषय यह है कि भू-माफिया लुटा के जीएम भूमि का अतिक्रमण करते-करते अब फॉरेस्ट के जतराही जंगल उजाड़ कर कब्जा करने लगे हैं और वन विभाग के अधिकारी बे खबर हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि कभी जतराही जंगल में शेर गरजता था। घने जंगल में विभिन्न प्रजातियों के जीव जंतु रहते थे। बड़े-बड़े सखुआ व विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधे लगे रहते थे। लेकिन लकड़ी माफिया धीरे-धीरे बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई कर लिया। अब जंगल में बचे छोटे-छोटे पेड़ पौधे को उजाड़ कर चारों ओर से अतिक्रमण किया जा रहा है। लिहाजा सारे जीव जंतु गायब होते जा रहें हैं। कुछ वर्ष पहले तक सियार भी बच्चे थे वह भी अब लुप्त होने लगे हैं। इस संदर्भ में प्रभारी वनपाल सुजीत टोप्पो ने कहा कि वनभूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विभाग को वनरोपन का प्रस्ताव भेजा गया है। वनरोपन के दौरान मापी कर ट्रेंच की कटाई की जाएगी। फिलहाल अतिक्रमण का निरीक्षण किया जाएगा।


