राजधानी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पैनी नजर है। नियम तोड़ने पर सीधे घर ई-चालान भेजे जा रहे हैं। जानकारी के मुताबकि सबसे ज्यादा रिंग रोड नंबर-1, अग्रसेन धाम, वीआईपी तिराहा, महावीर नगर, हीरापुर और ऑक्सीजोन गेट के पास ट्रैफिक नियम तोड़े जा रहे हैं। शहर में लगे आईटीएमएस के करीब 1045 कैमरों से हर दिन रांग साइड, रेड सिग्नल जंप, बिना हेलमेट, तीन सवारी समेत ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है। शहर के ये आधा दर्जन चौक ऐसे हैं जहां पिछले 6 महीने में 1.80 लाख से ज्यादा लोगों को ई-चालान भेजे गए। जयस्तंभ, शास्त्री चौक, फाफाडीह और कालीबाड़ी चौक पर भी कैमरों की खास नजर है। यहां भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाईटेक कैमरों से पहचान
^ आईटीएमएस के कैमरे हाईटेक हो गए हैं। क्लोज सर्किट कैमरे ही पहचान करते हैं कि कहां का ट्रैफिक नियम तोड़ा गया है। वहां मौजूद पुलिसवाले केवल मॉनिटरिंग का काम करते हैं।
– सतीश ठाकुर, डीएसपी ट्रैफिक 1. वीआईपी तिराहा: एक चूक और जुर्माना तय नवा रायपुर और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वीआईपी तिराहा चौक से रोजाना हजारों की संख्या में गाड़ियां आती-जाती हैं। यहां एयरपोर्ट, होटल्स, रेस्टोरेंट के साथ-साथ यहां बीच में कुछ गांव भी हैं। इस चौक में बीते छह माह में 16,170 लोगों के चालान काटे गए। 2. अग्रसेन धाम: करीब 18 हजार को ई-चालान महासमुंद-आरंग से भिलाई की ओर जाने वाले रिंग रोड नंबर-1 में अग्रसेन धाम चौक के पास बीते छह माह में 18,260 लोगों को ई-चालान भेजा गया। इसमें बाइक, मोपेड, अॉटो, कार और ट्रक शामिल हैं। इस इलाके में बड़ी संख्या में होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट हैं। इसके चलते भी यहां ट्रैफिक ज्यादा रहता है। 3. हीरापुर चौक: मालवाहकों के कारण ज्यादा चालान रिंग रोड नंबर-2 स्थित हीरापुर चौक में बीते 6 माह में 14,020 का चालान कट चुका है। इनमें मोपेड और कार के साथ तीन पहिया और ट्रक वाले भी शामिल हैं। इस रूट में भारी वाहनों का ज्यादा आना-जाना है। इनसे बचने लोग ट्रैफिक नियम तोड़ देते हैं। साथ ही इंडस्ट्रीज और विभिन्न रोड की कनेक्टिविटी के चलते यहां ट्रैफिक का दबाव है। 4. महावीर चौक: सबसे ज्यादा सिग्नल जंप कर रहे अग्रसेन धाम और वीआईपी चौक के बाद महावीर नगर चौक जो रिंग रोड नंबर-1 में ही है। यहां बीते 6 माह में 12,103 चालान कटे हैं। इनमें ज्यादातर सिग्नल जंप और रॉन्ग साइड वाले हैं। महावीर नगर और उद्योग भवन से आते हुए ज्यादातर लोग इसी जगह पर सिग्नल जंप कर रहे हैं। यहां एक्सीडेंट का भी खतरा ज्यादा होता है। 5. ऑक्सीजोन: खालसा स्कूल के पास ही 10 हजार चालान खालसा स्कूल के सामने ऑक्सीजोन गेट के पास बीते 6 माह में 10,780 का चालान काटे गए। जब से ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो रिक्शा को शास्त्री चौक में आने-जाने पर रोक लगाई है, तब से यह प्रमुख सड़क हो गई है। इस चौक से होते हुए गाड़ियां कलेक्टोरेट और कालीबाड़ी की ओर जाती हैं। यहां दोपहिया-चारपहिया वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। जल्दबाजी में यह ज्यादा ट्रैफिक नियम टूट रहे हैं।
कैमरे ही कर रहे हैं पहचान


