पंजाब के रास्ते पाकिस्तान का ड्रग्स रायपुर आ रहा है। इसे पुड़िया बनाकर डिमांड के अनुसार सप्लाई की जा रही है। ड्रग्स की डिलवरी में लड़कियों को इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि पुलिस को भनक न लगे। युवतियां ड्रग्स को ऐसे स्थान पर छोड़कर वीडियो व फोटो शेयर करती हैं, जहां लोग आसानी से पहुंच सकें। पुलिस ने शहर में अलग-अलग जगह छापा मारकर फिर 6 तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाशी के दौरान 57 लाख का 273.19 ग्राम ड्रग्स जब्त किया गया है। इसमें और भी लोगों की तलाश की जा रही है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि हीरापुर निवासी मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू (30) गिरोह का सरगना है। वह ट्रक चलाता है। इसी की आड़ में ड्रग्स तस्करी का काम करता है। वह खुद भी ड्रग्स लेता है। उसके इस काम में उसकी पत्नी जसप्रीत कौर उर्फ बॉबी (25) भी शामिल है। वही पैसों का लेन-देन देखती है। दोनों ने मिलकर अपना गिरोह बनाया है। इसमें दिव्या जैन (24), विजय मोटवानी उर्फ अमन (23), नितिन पटेल (19) और भूषण शर्मा उर्फ सूरज (30) भी शामिल हैं। दिव्या सीए की छात्रा है और उसके खाते में भी ड्रग्स के पैसों का लेन-देन होता है। वह ड्रग्स डिलवरी करने भी जाती थी। इसी तरह विजय और नितिन भी ड्रग्स छोड़ने जाते हैं। 34 पैडलर्स सलाखों के पीछे
पुलिस ने पिछले एक माह में 34 से ज्यादा पैडलर्स को गिरफ्तार किया है। इसमें पंजाब का बड़ा तस्कर लवजीत सिंह और राजनांदगांव का सुवित श्रीवास्तव भी शामिल है। सुवित छत्तीसगढ़ में खुद का अलग गिरोह चला रहा था। इसी तरह मनमोहन भी अपना खुद का गिरोह चला रहा है। छत्तीसगढ़ में ऐसे एक दर्जन से ज्यादा गिरोह हैं, जो ड्रग्स की तस्करी में लगे हुए हैं। वीडियो भेजकर डिलवरी आरोपी शहर के ऐसे स्थान पर ड्रग्स को रख देते हैं, जहां किसी की नजर न पड़े। फिर उसका वीडियो व फोटो बनाते हैं। उसका लाइव लोकेशन ड्रग्स खरीदने वाले को भेज देते हैं। उसके साथ वीडियो और फोटो भी शेयर करते हैं। पंजाब से ड्रग्स छोड़ने आते हैं दो पैडलर्स
पुलिस के अनुसार पंजाब से दो युवक ड्रग्स छोड़ने आते है। ट्रेन से ड्रग्स लेकर आते और स्टेशन में देकर चले जाते हैं। इसके अलावा ट्रक, बस और अन्य साधनों से भी ड्रग्स रायपुर भेजा जा रहा है। मनमोहन कई बार ड्रग्स खरीदने पंजाब जा चुका है। वह अपने ट्रक में ड्रग्स छिपाकर लाता था। उसका पंजाब व हरियाणा के ड्रग्स तस्करों से सीधा कनेक्शन है, जो पाकिस्तान से ड्रग्स मंगाकर देते हैं। पाउच, चॉकलेट के रैपर में भी सप्लाई
चाय डिस्पोजल, चॉकलेट के रैपर, गुटखे की पाउच, माचिस की डिब्बी से समेत अलग-अलग वस्तुओं में ड्रग्स की तस्करी की जाती है, ताकि किसी को शक न हो। ले जाने में भी किसी तरह की दिक्कत न हो। मनमोहन ने बेचे 2 करोड़ के ड्रग्स
मनमोहन से 200 लोग जुड़े हुए हैं जो ड्रग्स खरीदते हैं। मनमोहन ने पिछले ढाई साल में दो करोड़ रुपए का ड्रग्स बेचा है। आरोपी के खाते में 250 बार ट्रांजेक्शन हुआ है।


