जल संसाधन विभाग के 39 ठेकेदार जल्द ब्लैक लिस्टेड कर दिए जाएंगे। इन सभी पर बस्तर से लेकर सरगुजा तक 108 टेंडर में गलत जानकारी देने का आरोप है। मामले का खुलासा होने के बाद जल संसाधन विभाग ने पीडब्ल्यूडी को इन ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए चिट्ठी भेजी थी। फिलहाल इनमें से 23 ठेकेदार और फर्म्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुमति मिल गई है। विभाग द्वारा जल्द ही इन सभी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।
दरअसल इन ठेकेदारों और फर्म्स ने जलसंसाधन विभाग में ठेका लेने के लिए किए गए आवेदनों में गलत जानकारी दी थी। अधिकतर फर्म्स और ठेकेदारों ने टेंडर भरते समय जलसंसाधन या दूसरे विभागों में किए गए काम की जानकारी नहीं दी थी। नियमत: टेंडर में इस तरह की जानकारी देना अनिवार्य है। काम के दौरान जब आवेदनों की जांच की गई तो इन ठेकेदारों और फर्म्स के एक से अधिक काम की जानकारी विभाग को मिली। इसके बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई। इन ठेकेदारों और फर्म्स पर होगी कार्रवाई मेसर्स आईपी पटेल, अमर लाल अग्रवाल, मेसर्स बीबी वर्मा, सरस गोयल, सिद्धि विनायक कंस्ट्रक्शन, राकेश कुमार गुप्ता, मेसर्स जीसी जैन, अंबिका इंटरप्राइजेस, पवन कुमार अग्रवाल, सुनील कुमार अग्रवाल, शौर्या कंस्ट्रक्शन, सुनील कुमार वर्मा, एचपी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स मनोज कुमार देवांगन, मेसर्स पवार कंस्ट्रक्शन, विजय कुमार शैलेंद्र कुमार कंस्ट्रक्शन, सुधाकर इंफ्रास्ट्रक्चर, अभिषेक इंटरप्राइजेस, मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन, मेसर्स चंद्राकर कंस्ट्रक्शन, मेसर्स द्वारिका बिल्डकान, मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन, नमन कंस्ट्रक्शन, सालासार एसोसिएट्स, शेख जालानी, शेख मोहम्मद हमजाला, एनडी सिराज खान, वैभव अग्रवाल, मां महामाया कंस्ट्रक्शन, राजकुमार मिश्रा, निरंजन कुमार जायसवाल, जय मां वेंकटेश्वरी फेब्रिकेशन, प्रीति कंस्ट्रक्शन, उदय कंस्ट्रक्शन, वीवी कंस्ट्रक्शन, एस कुमार कंस्ट्रक्शन, संतोष अग्रवाल, खलतकर कंस्ट्रक्शन, शृंग कंस्ट्रक्शन।
कार्रवाई की तैयारी शुरू
विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान तत्कालीन जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने ऐसे ठेकेदारों और फर्म्स के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें चिह्नांकित कर पीडब्ल्यूडी में इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई। इन ठेकेदारों और फर्म्स को ब्लैक लिस्टेड कर उनकी ईएमडी राजसात की जाएगी। एक साल के लिए उनके टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। इन कार्यों का मिला था ठेका
केलो परियोजना, शंकरगढ़ डायवर्सन योजना के मुख्य नहर में पत्थर खुदाई व सीसी चैनल निर्माण, हसदेव-बांगों परियोजना का जीर्णोद्धार, बिछिया स्टापडेम निर्माण, परालकोट जलाशय में आरबीसी व एलबीसी गेट का मरम्मत, नहर लाइनिंग, कोयाबुकुर जीर्णोद्धार, हाथीनाला में खम्हरिया एनीकट, सकरी नदी पर पचरी व तटबंध, कसही नाले में पिचिंग, भुरका स्टापडेम का निर्माण और बलौदा एनीकट निर्माण। जल्द करेंगे ब्लैकलिस्टेड
^39 ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी को जानकारी भेजी गई थी। वहां से 23 फर्म्स एवं ठेकेदारों की रिपोर्ट विभाग को मिल गई है। इन्हें जल्द ही ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने अन्य ठेकेदारों और फर्म्स के बारे में भी कुछ जानकारी मांगी गई है। उसे जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा।
राजेश टोप्पो, सचिव, जल संसाधन विभाग।


