भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में बारिश के साथ स्क्रब टाइफस का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले सप्ताह भर के भीतर चांपा के एक निजी अस्पताल में स्क्रब टाइफस के 5 मरीज सामने आए हैं। इनमें से तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। इन मरीजों में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (रक्त प्लेटलेट्स में कमी) और हेपेटाइटिस (यकृत की सूजन) के दो मामले सामने आए हैं। वहीं एक मरीज में मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क झिल्ली में सूजन) के लक्षण पाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्क्रब टाइफस का समय पर इलाज नहीं होने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। दरअसल स्क्रब टाइफस एक जीवाणु जनित बीमारी है, जो संक्रमित कीटों के काटने से फैलती है। बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और गीली जगहों पर यह कीट ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को खेतों या झाड़ियों में जाते समय पूरी बांह के कपड़े पहनने और सफाई रखने कहा है। मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास भेज दी है। डॉक्टरों ने लोगों से बुखार या त्वचा पर घाव के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने कहा है।


