भास्कर न्यूज| चाईबासा जिले के किसानों को किसी भी दैवीय या प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नुकसान होने पर आर्थिक संकटों का सामना न करना पड़े, इसके लिए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। किसानों को 31 अगस्त तक फसल का बीमा कराने के लिए डेडलाइन रखी गई है। लेकिन जिले के किसान फसल बीमा योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एक हेक्टेयर धान की फसल की बीमित राशि 74,782 रुपए है जबकि किसानों को प्रीमियम के रूप में बीमित राशि के रूप में मात्र 1 रुपए टोकन के रूप में जमा करना है। फसल बीमा की अंतिम तिथि समाप्त होने में मात्र 8 दिन शेष बचा है। प. सिंहभूम जिले से अभी तक मात्र 13024 किसानों के द्वारा फसल बीमा हेतु आवेदन किया गया है। जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिला में खरीफ फसल के लिए वर्ष 2025 में 92,296 किसानों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2018 में 39,683, साल 2019 में 36,074, साल 2024 में 97,120 किसानों के द्वारा फसल बीमा कराया है। फसल बीमा की भास्कर पड़ताल में किसानों द्वारा रुचि नहीं लेने के कई कारण सामने आए हैं। जैसे जागरूकता का अभाव, किसानों की मानसिकता फसल की बीमा हुआ है तो बीमा की राशि मिलना चाहिए। जबकि फसल के बर्बाद होने की स्थिति में बीमा की राशि मिलती है। सीएससी केंद्र जाने की समस्या, लैंड रिकॉर्ड का अपडेट नहीं रहना, बीच में सर्वर संबंधी समस्या का उत्पन्न होने के कारण किसानों का काम नहीं हो पाया और फसल बीमा योजना से मोह भंग हुआ। प्रखंड – किसान आनंदपुर- 743 बंदगांव- 394 चाईबासा- 573 चक्रधरपुर- 1167 गोइलकेरा- 1273 गुदड़ी- 200 हाटगम्हरिया- 612 जगन्नाथपुर- 815 झींकपानी- 829 खूंटपानी- 966 कुमारडुंगी – 599 मंझारी- 655 मंझगांव- 916 मनोहरपुर- 920 नोवामुंडी- 553 सोनुआ- 412 तांतनगर- 973 टोंटो- 424 कुल – 13024


